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Coronavirus: उत्तराखंड में रात का कर्फ्यू खत्म, बाहरी राज्यों से आने वालों के लिए जारी हुई नई गाइडलाइन

Wed, 05 Aug 2020 09:40 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 05 Aug 2020 09:40 PM IST
सार

  • दिल्ली और मुंबई से उत्तराखंड आने वालों पर रहेगी निगरानी
  • कोविड संक्रमण के अधिक मामलों को देखते हुए लिया गया फैसला

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Coronavirus in uttarakhand latest news: Government released New Guidelines to other state Tourist
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में रात का कर्फ्यू समाप्त कर दिया गया है। इसके आदेश भी जारी हो गए हैं। अब रात में पास की भी जरूरत नहीं होगी। अभी तक रात में केवल उन्हीं लोगों को आने जाने की छूट थी जो बस, ट्रेन आदि से कहीं बाहर से आए हों और घर जा रहे हों। 

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वहीं, मुंबई और दिल्ली से आने वाले प्रवासियों को लेकर सरकार और सतर्क हो गई है। वैसे कोविड लोड वाले शहरों से आने वालों के लिए कई पाबंदियां हैं, लेकिन इन दो शहरों से आने वालों को अब और सख्त पाबंदियों का सामना भी करना पड़ सकता है। 
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सरकार के मुताबिक करीब साढ़े तीन लाख प्रवासी उत्तराखंड लौट कर आ चुके हैं। बाहर से आने वालों की वजह से ही प्रदेश में कोविड के मामले बढ़ रहे हैं। इसमें ज्यादातर मामले दिल्ली और मुंबई से आने वालों के हैं। मुख्य सचिव ओम प्रकाश के मुताबिक इसे देखते हुए ही प्रदेश सरकार ने इन दो शहरों को विशेष रूप से रडार पर रखना शुरू किया है।

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अब एक दिन में आ सकते हैं 2000 लोग 

प्रदेश में प्रतिदिन करीब 16 हजार लोगों की आवाजाही है। ये वे लोग हैं जो सीमाओं पर किसी न किसी काम की वजह से पहुंचते हैं। यहां रहते नहीं हैं और जल्द ही इन्हें वापस भी जाना होता है। इसी के साथ बाहर से आने वालों का भी सिलसिला थमा नहीं है। अन्य राज्यों से आने वालों में प्रतिदिन अब 2000 लोगों को अनुमति दी जाएगी। अभी तक यह सीमा 1500 थी। 

हेलीकाप्टर से आने वालों के लिए अलग व्यवस्था
प्रदेश में हेलीकाप्टर से आने वालों के लिए अलग से व्यवस्था है। मुख्य सचिव के मुताबिक इनका अनिवार्य रूप से एंटीजेन टेस्ट किया जाएगा। 

पांच दिन में वापस लौटे तो नहीं होना होगा क्वारंटीन
यह भी स्पष्ट है कि प्रदेश से बाहर जाने वाले लोग अगर पांच दिन में लौट आते हैं तो उन्हें क्वारंटीन नहीं होना होगा। अनलॉक - 3 में यह रियायत दी गई है। अगर पांच दिन से बाहर समय बिताया गया है तो वापस आने पर क्वारंटीन होना होगा। 

रिकवरी रेट में सुधार संभव
मुख्य सचिव के मुताबिक रिकवरी रेट राष्ट्रीय औसत से बेहतर है। पिछले कुछ दिनों में रिकवरी रेट में कमी आई थी। अब उम्मीद है कि अगले 21 दिन में रिकवरी रेट में सुधार होगा। प्रदेश सरकार ने कोविड संक्रमण से निपटने के लिए 400 वेंटीलेटर की अलग से व्यवस्था की हुई है। 
 

बाहर से आने वालों के लिए ये कहती है गाइडलाइन

-  स्मार्ट सिटी के वेब पोर्टल पर रजिस्टर कराना होगा। रजिस्टर प्रपत्र को सीमा पर चेक किया जाएगा। किसी तरह के ई परमिट, अनुमति आदि की जरूरत नहीं है। 
-  बाहर से आने वालों को हर हाल में आरोग्य सेतू एप डाउनलोड करना होगा।
-  हाई लोड कोविड-19 वाले शहरों से आने आने वालों को सात दिन के लिए संस्थागत क्वारंटीन होना होगा। सात दिन के लिए इन्हें होम क्वारंटीन में रहना होगा। 
-  हाई लोड क्वारंटीन शहरों के अलावा अन्य शहरों से आने वालों को 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन होना होगा। 
-  72 घंटे की आईसीएमआर की अधिकृत कोविड निगेटिव रिपोर्ट वालों को क्वारंटीन नहीं होना होगा। इन्हें अपनी मेडिकल रिपोर्ट स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर अपलोड करनी होगी। 
-  सात दिन के लिए किसी की मृत्यु, गंभीर बीमारी आदि की वजह से अलग बाहर से कोई व्यक्ति आता है तो उसे क्वारंटीन नहीं होना होगा। वह घर से बाहर आ जा सकता है लेकिन सिर्फ उसी काम के लिए जिस काम के लिए वह आया है। 
-  कामगार, कर्मचारी, विशेषज्ञ, सलाहकार आदि अगर बाहर से आते हैं तो उन्हें क्वारंटीन नहीं होना होगा। यह संबंधित संस्था की जिम्मेदारी होगी कि वह यह तय करें कि ऐसे व्यक्ति सिर्फ काम के स्थान से ठहरने के स्थान के बीच ही यात्रा करें। इन्हें स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर संस्था की ओर से जारी अधिकार प्रपत्र भी अपलोड करना होगा।
-  बाहर से अधिकारिक कारण से आने वाले केंद्रीय और राज्य सरकारों के मंत्रियों, मुख्य न्यायाधीश, न्यायाधीश आदि को क्वारंटीन नहीं होना होगा, लेकिन ये वह सुनिश्चित करेंगे की सोशल डिस्टेंस और अन्य नियमों का पालन हो।
-  विदेशों से आने वाले भारतीय नागरिकों और पर्यटकों को सात दिन के लिए संस्थागत क्वांरटीन होना होगा और इसके बाद वे सात दिन के लिए होम क्वारंटीन रहेंगे। 
-  गर्भवती महिलाएं, 65 साल से अधिक के वरिष्ठ नागरिक, गंभीर रोगी आदि को संस्थागत क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। उन्हें 14 दिन के लिए होम क्वारंटीन में रहने की अनुमति होगी। 
-  आरटी, पीसीआर टेस्ट न कराने वाले अधिकतम 2000 लोग एक दिन में राज्य में प्रवेश कर सकेंगे।

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