Coronavirus in Uttarakhand : बाहरी राज्यों से आवाजाही की व्यवस्था में बदलाव के पक्ष में नहीं सरकार
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार अभी बाहरी राज्यों से आवाजाही की मौजूदा व्यवस्था में कोई बदलाव करने के पक्ष में नहीं हैं। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का कहना है कि कोविड-19 के दौर में प्रदेश सरकार की अपनी क्षमताएं हैं। इलाज के लिए अस्पतालों की सीमित संख्या है।
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आवाजाही के लिए राज्य के बार्डर पूरी तरह से खोलने के केंद्रीय गृह मंत्रालय के पत्र पर उन्होंने कहा कि इस बारे में मंत्रालय से बात हो गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में हर दिन बाहर से आने वाले लोगों की संख्या औसतन 27 हजार है। किसी दिन 32 हजार लोग भी राज्य में आ रहे हैं।
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इनमें उद्यमी, नौकरी पेशा लोग, सरकारी अधिकारी, कर्मचारी, न्यायपालिका, जनप्रतिनिधि व अन्य लोग भी शामिल हैं। इसके अलावा कोविड फ्री लोगों के प्रवेश को लेकर कोई समस्या नहीं हैं। 2000 लोगों के प्रवेश के लिए वेबसाइट पर पंजीकरण की व्यवस्था 27 हजार लोगों के अलावा है।
सीमित प्रवेश न होने से राज्य के सामने कठिनाई पैदा हो सकती है। हमें कोरोना के संक्रमण के खतरे को भी देखना है। वर्तमान और भविष्य की जरूरत के हिसाब से अभी हमारे पास इलाज के पर्याप्त इंतजाम हैं।
डीएवी में एक शिक्षक कोरोना पॉजिटिव, कॉलेज सात दिन के लिए बंद
डीएवी पीजी कॉलेज में कॉमर्स विभाग के एक शिक्षक की रिपोर्ट बृहस्पतिवार को कोरोना पॉजिटिव आ गई। उन्होंने इस संबंध में प्राचार्य को अवगत कराया। इसके बाद कॉलेज को सात दिन के लिए बंद कर दिया गया है। प्राचार्य डॉ. अजय सक्सेना ने उनके संपर्क में आए सभी शिक्षकों व कर्मचारियों को कोविड टेस्ट कराने को कहा है।
वहीं, कॉलेज की कोविड एडवाइजरी कमेटी ने कॉलेज को सात से 14 दिन के लिए बंद करने की सिफारिश की। इसके बाद प्राचार्य ने उच्च शिक्षा निदेशक से वार्ता की। वार्ता के बाद तय किया गया कि सुरक्षा के मद्देनजर डीएवी कॉलेज 28 अगस्त से तीन सितंबर तक बंद रहेगा। कॉलेज में सैनिटाइजेशन कराया जाएगा।
डांडा-लखौंड का सोमनाथ नगर कंटेनमेंट जोन घोषित
देहरादून जिले में बृहस्पतिवार को कोरोना संक्रमित मरीजों के पाए जाने पर नगर निगम क्षेत्र के डांडा लखौंड निकट आईटी पार्क के सोमनाथ नगर को कंटेंनमेंट जोन घोषित कर दिया गया है, जबकि रोचिपुरा, ब्राह्मणवाला विकासनगर के भगवानपुर में 14 दिन में कोई संक्रमित न पाए जाने के कारण इन क्षेत्रों को कंटेनमेंट जोन से मुक्त कर दिया गया है।