Coronavirus in Uttarakhand: चार जिलों में तेजी से बढ़ रहा संक्रमण, फिर बढ़े कंटेनमेंट जोन
- प्रदेश में कुल संक्रमितों का 77 प्रतिशत मामले चार जिलों में
- सैंपल जांच के साथ लगातार बढ़ रही संक्रमण और मृत्यु दर
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उत्तराखंड के चार मैदानी जिलों में कोरोना संक्रमण की स्थिति गंभीर होती जा रही है। प्रदेश कुल संक्रमितों में से 77 प्रतिशत मरीज मैदानी जिलों में है। सैंपल जांच के साथ लगातार संक्रमण और मृत्यु दर बढ़ रही है।
राज्य के चार जिले देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में कोरोना संक्रमितों की संख्या 17500 से अधिक हो गई है। जबकि प्रदेश में संक्रमितों की आंकड़ा 23 हजार पार कर चुका है।
हरिद्वार जिले में कोरोना संक्रमित पांच हजार से अधिक हो गए हैं। वहीं, देहरादून जिले में संक्रमितों की संख्या पांच हजार पार करने वाली है। ऊधमसिंह नगर जिले में 4209 और नैनीताल जिले में 3135 लोग कोरोना की चपेट में आ चुके हैं।
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प्रदेश में चार लाख से अधिक जांच हो चुकी है। सैंपल जांच बढ़ने के साथ ही संक्रमण दर का ग्राफ बढ़ रहा है। एक अगस्त को प्रदेश में संक्रमण दर 4.62 प्रतिशत थी। जो बढ़कर 5.60 प्रतिशत हो गई है। वहीं, एक अगस्त को प्रदेश में मरने वालों की संख्या 90 थी। जो तीन सौ से अधिक पहुंच गई है। इसमें 150 से अधिक कोरोना मरीजों की मौत देहरादून जिले में हुई है।
कोरोना संक्रमण में तेजी, फिर बढ़े कंटेनमेंट जोन
कोरोना मरीजों में तेजी आने से प्रदेश में फिर से कंटेनमेंट जोन बढ़ गए हैं। बीते तीन दिन के भीतर प्रदेश में 156 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। शनिवार तक प्रदेश में कंटेनमेंट जोन की संख्या 393 हो गई है। सरकार का मानना है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं। इससे प्रदेश में दोबारा से लॉकडाउन की नौबत नहीं आएगी।
स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, एक सितंबर को प्रदेश में कंटेनमेंट जोन की संख्या 237 थी, जो शनिवार तक 393 हो गए हैं। हरिद्वार में जिले में सबसे अधिक 299 कंटेनमेंट जोन हैं। इसमें रुड़की में 130, हरिद्वार में 93, भगवानपुर में 60 जोन हैं। वहीं, नैनीताल में 26 कंटेनमेंट जोन में हल्द्वानी में 20, लालकुआं में पांच और चोपरा में एक, देहरादून जिले में 20 कंटेनमेंट जोन हैं।
इसमें ऋषिकेश में दो, डोईवाला में तीन, विकासनगर में तीन, देहरादून में 12, ऊधमसिंह नगर जिले में 34 कंटेनमेंट जोन में से खटीमा में 19, गदरपुर में दो, किच्छा में 13 क्षेत्रों को पाबंद किया गया है। उत्तरकाशी जिले में भटवाड़ी में एक, बागेश्वर जिले में बैजनाथ में एक, टिहरी जिले में नौ कंटेनमेंट जोन हैं। इसमें नरेंद्र नगर में एक, कीर्तिनगर में दो, घनसाली में तीन, रुद्रप्रयाग जिले में तीन कंटेनमेंट जोन में रुद्रप्रयाग में एक, अगस्त्यमुनि में एक और जखोली में एक कंटेनमेंट जोन है।
सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने कहा कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम और निगरानी के लिए माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए हैं। जोन में चार से पांच घर या एक कार्यालय में हो सकता है। अधिक से अधिक कंटेनमेंट जोन बनाएंगे तो प्रदेश में कोविड को लेकर लॉकडाउन की स्थिति नहीं आएगी। कंटेनमेंट जोन में रहने वाले सभी लोगों की सैंपलिंग जांच की जा रही है।
हिमालयन हॉस्पिटल में कोविड वार्ड तैयार
हिमालयन हॉस्पिटल में कोविड संक्रमित रोगियों के लिए हॉस्पिटल की मुख्य बिल्डिंग से अलग बिल्डिंग में उपचार की व्यवस्था की गई है। हॉस्पिटल में उपचार को आने वाले अन्य रोगियों की सुरक्षा व संक्रमण से बचाव के मद्देनजर यह व्यवस्था बनाई गई। हॉस्पिटल के मुख्य भवन में अन्य व सामान्य रोगियों के लिए आईपीडी व 1000 बिस्तरों की आईपीडी सेवा सुचारू है।
स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय (एसआरएचयू) के कुलपति डॉ.विजय धस्माना ने कहा कि 1994 से हिमालयन अस्पताल रोगियों की स्वास्थ्य सेवा कार्यरत है। जब कभी राज्य में कोई आपदा आई है तो अस्पताल अपनी सेवा देने से पीछे नहीं हटा है। इस संकटकाल में भी हिमालयन हॉस्टिल सामाजिक जिम्मेदारी के दायित्व को बखूबी निभा रहा है। अलग बिल्डिंग में कोरोना ग्रसित रोगियों के लिए वॉर्ड से लेकर ऑपरेशन थियेटर, आईसीयू, लेबर रुम व फार्मेसी की भी व्यवस्था की गई है।
कोरोना संक्रमण की जांच के लिए आरटी-पीसीआर, एंटीजन, एंटीबॉडी स्वास्थ्य जांचों की सुविधा मौजूद है। इसके लिए भी हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से मुख्य बिल्डिंग से बाहर अलग कॉरिडोर बनाया गया है। कोविड वार्ड में अलग से मेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है ताकि बाकी अस्पताल परिसर कोरोना से सुरक्षित रहे। अन्य रोगियों के लिए रोजमर्रा की तरह ही ओपीडी और आईपीडी चल रही है। संक्रमण को रोकने के लिए हॉस्पिटल इंफेक्शन कंट्रोल यूनिट लगातार निगरानी रख रही है। लगातार सैनिटाइजेशन किया जा रहा है।
कोविड मरीजों को दवाइयां देने में प्रोटोकाल का करें पालन
कोविड केयर सेंटरों और हेल्थ सेंटरों में भर्ती कोरोना संक्रमित मरीजों को प्रोटोकाल के अनुसार दवाइयां दी जाएगी। शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोविड समीक्षा बैठक में सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी सभी जिलाधिकारियों और सीएमओ को प्रोटोकाल का पालन करने के निर्देश दिए।
सचिव स्वास्थ्य ने कहा कि तकनीकी कमेटी के सिफारिश पर कोविड हेल्थ सेंटर और कोविड केयर सेंटरों में भर्ती मरीजों को दवाइयों के लिए शासन की ओर से प्रोटोकाल जारी किया गया है। इसके अनुसार ही मरीजों को दवाइयां दी जाए।
प्रदेश में अभी तक लगभग पांच सौ कोरोना संक्रमित मरीजों ने होम आइसोलेशन की सुविधा ली है। इनकी संख्या बढ़ सकती है। सरकार की ओर से होम आइसोलेशन की सुविधा लेने वाले मरीजों को एक मेडिकल किट दी जा रही है।
आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों की नियमित निगरानी की जाए। कांटेक्ट ट्रेसिंग के लिए निगरानी बढ़ाई जाए। सचिव ने जिलों को सैंपल जांच में और तेजी लाने के लिए निर्देश दिए। सचिव ने कहा कि सैंपल जांच बढ़ने के साथ संक्रमित मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में लोगों को एहतियात बरतने की जरूरत है। घर से बाहर निकलने पर मास्क जरूर पहने और सोशल डिस्टेसिंग का पालन करें।