Coronavirus in Uttarakhand : विधानसभा सत्र से पहले कोरोना का वार, प्रदेश सरकार लाचार
- फ्लोर मैनेजमेंट के किरदार कौशिक भी बीमार
- सचिवालय में भी कोरोना संक्रमण से कामकाज प्रभावित
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विधानसभा सत्र की तैयारी कर रही प्रदेश सरकार को कोरोना के वार के आगे लाचार होना पड़ रहा है। सत्र के दौरान मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस बार भी सदन के भीतर फ्लोर मैनेजमेंट का दारोमदार कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक पर डाला है। लेकिन तैयारियों में जुटे कौशिक कोरोना की जद में आ गए हैं। उन्हें ऋषिकेश एम्स में इलाज के लिए भर्ती होना पड़ा है। वे अस्पताल और उसके बाद कितने दिन क्वारंटीन होंगे, इसका अभी सही अंदाजा नहीं है।
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लेकिन सदन में विपक्ष के हमलों का जवाब देने से लेकर मंत्रियों के बचाव के तरीके तलाशने के लिए कौशिक को होमवर्क का जितना समय चाहिए, उतना अब शायद ही मिल पाएगा। सीएम ने उन्हें अपने विभागों से संबंधित प्रश्नों के उत्तर देने की जिम्मेदारी दी है। साथ ही उन्हें सदन के भीतर विधायी एवं संसदीय कार्यों को भी देखना हैं।
कौशिक को दिल्ली से आरटीपीसीआर रिपोर्ट का इंतजार है। इस रिपोर्ट के सोमवार तक आने की उम्मीद थी। इस संबंध में पूछे जाने पर कौशिक ने कहा कि रिपोर्ट आज देर शाम तक आ जाएगी।
कम से कम सात से 10 दिन अस्पताल में रहना होगा
यदि इस रिपोर्ट में भी कौशिक पॉजिटिव पाए जाते हैं तो उन्हें कम से कम सात से 10 दिन अस्पताल में रहना होगा।
इसके बाद उन्हें सात दिन होम क्वारंटीन होना पड़ सकता है। यदि ऐसा होता है तो उनके पास सत्र की तैयारी करने के लिए बहुत अधिक समय नहीं मिलेगा। ऐसे में सरकार को अपनी रणनीति पर दोबारा से विचार करना पड़ सकता है। उधर, सत्र की तैयारियों में जुटे सचिवालय में भी कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है।
कई अधिकारी व कर्मचारी इसकी चपेट आ चुके हैं। कुछ के परिजनों को कोरोना ने जकड़ लिया है। दोनों कारणों से उन्हें होम क्वारंटीन या सेल्फ आइसोलेशन में जाना पड़ रहा है। ऐसी स्थिति में सचिवालय कर्मचारियों के लिए विधानसभा सदस्यों के प्रश्नों और सूचनाओं के समय पर जवाब तैयार करने में कठिनाई आ रही है। ऐसे हालातों में सरकार के लिए सत्र की तैयारी करना आसान नहीं हो पा रहा है।