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उत्तराखंड में कोरोना : ट्रेनी आईएफएस अधिकारियों की ऑफलाइन ट्रेनिंग पर लगाई रोक

Wed, 28 Apr 2021 01:20 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 28 Apr 2021 01:20 PM IST
सार

अधिकारियों-कर्मचारियों के संक्रमित पाए जाने के बाद ट्रेनी आईएफएस अधिकारियों के ऑफलाइन प्रशिक्षण पर रोक लगा दी गई है। फिलहाल अधिकारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

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coronavirus in uttarakhand latest news : ban on offline training of trainee IFS officers
वन अनुसंधान संस्थान - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

भारतीय वन्यजीव संस्थान, वन अनुसंधान संस्थान, ओएनजीसी, वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के बाद अब कोरोना संक्रमण ने इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी में भी पांव पसार लिया है।

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एकेडमी प्रशासन की ओर से अधिकारियों, कर्मचारियों की कोरोना जांच कराए जाने के बाद कई अधिकारी, कर्मचारी संक्रमित पाए गए। वहीं, अधिकारियों-कर्मचारियों के संक्रमित पाए जाने के बाद ट्रेनी आईएफएस अधिकारियों के ऑफलाइन प्रशिक्षण पर रोक लगा दी गई है। फिलहाल अधिकारियों को ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी के एडिशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी ने बताया कि एहतियात के तौर पर ट्रेनी आईएफएस अधिकारियों को उनके कमरों में ही रहने की सख्त हिदायत दी गई है। अधिकारियों की ऑफलाइन ट्रेनिंग पर रोक लगा दी गई है। उन्हें सिर्फ ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जा रही है। इतना ही नहीं ट्रेनी आईएफएस अधिकारियों में कोरोना संक्रमण न हो, उन्हें डिब्बाबंद भोजन मुहैया कराया जा रहा है।

आपको बता दें कि पिछले साल जब कोरोना संक्रमण शुरू हुआ तो उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण का सबसे पहला मामला इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट एकेडमी के ट्रेनी आईएफएस अधिकारियों में सामने आया था। जब स्पेन प्रशिक्षण लेने गए ट्रेनी आईएफएस अधिकारी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। हालांकि, इस साल अब तक एकेडमी के किसी भी ट्रेनी आईएफएस अधिकारी में कोरोना का संक्रमण नहीं पाया गया है।

वहीं, वन अनुसंधान संस्थान परिसर स्थित केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा के कई अधिकारी, ट्रेनी अधिकारी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, जिसके बाद एकेडमी प्रशासन की ओर से तमाम एहतियाती कदम उठाए गए थे। जहां तक पूरे वन अनुसंधान संस्थान परिसर में कोरोना संक्रमित अधिकारियों, कर्मचारियों का सवाल है तो फिलहाल 107 वैज्ञानिक, अधिकारी और कर्मचारी कोरोना संक्रमित मिले हैं। संस्थान निदेशक अरुण सिंह रावत के निर्देश पर बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।

केंद्रीय संस्थानों में शोध परियोजनाओं पर ग्रहण

उत्तराखंड समेत देश के तमाम राज्यों में कोरोना महामारी फैलने के साथ ही वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी, भारतीय वन्यजीव संस्थान, वन अनुसंधान संस्थान, जूलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया, बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया समेत कई केंद्रीय वैज्ञानिक संस्थानों के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध ठप पड़ गए हैं।

कोरोना संक्रमण की वजह से तमाम संस्थानों के वैज्ञानिक शोध करने के लिए दूसरे राज्यों में नहीं जा पा रहे हैं, जिसकी वजह से कई महत्वाकांक्षी शोध परियोजनाएं रुकी पड़ी हैं। वैज्ञानिकों की मानें तो तमाम वैज्ञानिक शोधों को केंद्रीय वन पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के साथ ही संबंधित मंत्रालयों की ओर से न सिर्फ मंजूरी दे दी गई, वरन बजट भी मुहैया करा दिया गया है।

आईसीएफआरई के महानिदेशक एवं वन अनुसंधान संस्थान के निदेशक अरुण सिंह रावत के मुताबिक जबसे कोरोना संक्रमण फैला है तब से वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध पर इसका असर पड़ा है। संस्थान के वैज्ञानिक कोरोना संकट के चलते दूसरे राज्यों में नहीं जा पा रहे हैं जिसकी वजह से कई महत्वपूर्ण शोध अटके पड़े हैं।

कमोवेश यही बात वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के निदेशक डॉक्टर कालाचांद साईं ने भी दोहराई। ऐसे में संस्थान के वैज्ञानिक पूर्व में इकट्ठा किए गए वैज्ञानिक डाटा का विश्लेषण कर रहे हैं। बहरहाल जब स्थितियां सामान्य होंगी तभी वैज्ञानिकों द्वारा शोध को आगे बढ़ाया जाएगा।

उधर, भारतीय वन्यजीव संस्थान के निदेशक धनंजय मोहन का भी कहना है कि कोरोना संक्रमण का सीधा असर तमाम वैज्ञानिक शोधों पर पड़ा है। संस्थान के वैज्ञानिकों की टीमें शोध के लिए नहीं जा पा रही है। फिलहाल जब स्थितियां सामान्य होंगी तभी तमाम शोध परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।

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