Coronavirus in Uttarakhand: तेजी से बढ़ रहा संक्रमण, एक हफ्ते में मिले 1955 संक्रमित मरीज
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमित मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सात दिन के भीतर प्रदेश में 1955 संक्रमित मिले हैं। वहीं, प्रदेश में कोरोना संक्रमित मामलों ने नया रिकार्ड बनाया है। 22 जुलाई को प्रदेश में सबसे अधिक 451 मामले मिले थे। वहीं शनिवार को एक ही दिन में 501 कोरोना मरीज मिले।
वहीं, देहरादून जिले में कोरोना का कहर थमता नजर नहीं आ रहा है। हालत यह है कि अब प्रतिदिन 50 से अधिक संक्रमित मरीज जिले में आ रहे हैं। मौत का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। बीते एक सप्ताह में जिले में कोरोना संक्रमित 23 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रदेश में अभी तक सबसे ज्यादा मौतें और सबसे ज्यादा संक्रमित देहरादून जिले में आए हैं।
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31 जुलाई को देहरादून जिले में कोरोना संक्रमित लोगों की मौत का आंकड़ा 44 था। शनिवार दोपहर तक यह आंकड़ा 67 तक पहुंच गया। इनमें चार पीड़ितों की मौत 18 घंटे के भीतर हुई। प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शुमार राजकीय दून मेडिकल अस्पताल में मरने वालों की संख्या सबसे अधिक हैं। इनमें ज्यादातर 40 साल से अधिक उम्र और अन्य गंभीर रोगों से पीड़ित शामिल हैं। शुक्रवार देर रात एक 37 वर्षीय युवक की भी दून अस्पताल में मौत हुई है।
दून में मरने वाले संक्रमित ज्यादातर ऐसे हैं जिन्हें निजी या अन्य अस्पतालों से रेफर किया गया था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि कोरोना मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सभी निजी और सरकारी अस्पतालों को लगातार दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं। साथ ही आम लोगों से भी अपील की जा रही है कि सोशल डिस्टेंसिंग और समय-समय पर जारी किए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करें।
हाईरिस्क एरिया से आने वाले सभी की होगी कोरोना जांच
कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए अब हाईरिस्क एरिया से आने वाले सभी लोगों की सैंपल जांच की जाएगी। इसके साथ ही पांच प्रतिशत से अधिक संक्रमण दर वाले जिलों में सैंपलिंग बढ़ाने पर स्वास्थ्य विभाग का जोर है।
प्रदेश में रोजाना कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही है। प्रदेश में सक्रिय मरीजों का आंकड़ा तीन हजार है। रिकवरी दर 64 प्रतिशत हो गई है, जो राष्ट्रीय औसत से चार प्रतिशत कम है। रिकवरी दर में टिहरी जिला सबसे आगे है। यहां 89 प्रतिशत मरीज ठीक हो चुके हैं। जबकि पिथौरागढ़ जिले की रिकवरी दर सबसे कम 47 प्रतिशत है।
सचिव स्वास्थ्य अमित सिंह नेगी ने बताया कि हाईरिस्क एरिया से आने वाले सभी लोगों की कोरोना जांच की जाएगी। प्रदेश में जिन जिलों में संक्रमण दर पांच प्रतिशत से अधिक है। उन जिलों को सैंपलिंग बढ़ाने को कहा गया है।