फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Coronavirus in Uttarakhand COVID-19 News today 18 december: 24 new positive

उत्तराखंड में कोरोना: शनिवार को मिले 25 नए मामले, दुबई से रानीखेत लौटे चारों लोग हुए ट्रेस

Sat, 18 Dec 2021 06:57 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 18 Dec 2021 06:57 PM IST
सार

शनिवार को देहरादून में 12, अल्मोड़ा व ऊधमसिंह नगर में दो-दो, हरिद्वार व नैनीताल में चार-चार और पिथाैरागढ़ जिले में केवल एक मामला सामने आया है।

विज्ञापन
Coronavirus in Uttarakhand COVID-19 News today 18 december: 24 new positive
कोरोना के मामले - फोटो : पीटीआई

विस्तार

प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 23 नए मामले रिकॉर्ड किए गए हैं। वहीं, शनिवार को 14 कोरोना संक्रमित मरीज ठीक हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, शनिवार को देहरादून में 12, अल्मोड़ा व ऊधमसिंह नगर में दो-दो, हरिद्वार व नैनीताल में चार-चार और पिथाैरागढ़ जिले में केवल एक मामला सामने आया है। वहीं, अब प्रदेश में कोविड के 164 एक्टिव केस हैं, जिसमें सबसे ज्यादा संख्या 67 देहरादून की है।

विज्ञापन


दुबई से रानीखेत लौटे चारों लोग ट्रेस
वहीं दुबई से रानीखेत लौटे चारों लोग ट्रेस हो गए हैं। ये सभी सेल्फ मॉनिटरिंग पर हैं। गत दिनों दुबई से रानीखेत लौटे चारों प्रवासियों के ट्रेस हो जाने के बाद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। हालांकि चारों प्रवासी कोरोना की डबल डोज लगा चुके थे और अपने घरों में सेल्फ मॉनिटरिंग पर हैं। उन्हें राजकीय अस्पताल बुलाकर स्वास्थ्य जांच के साथ कोरोना जांच संबंधी प्रपत्रों की जांच की गई।
विज्ञापन


उत्तराखंड: क्रिसमस और नए साल के लिए वादियां तैयार, नैनीताल में 80 तो मसूरी में 60 फीसदी तक एडवांस बुकिंग 
विज्ञापन
विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग के लिए शत प्रतिशत टीकाकरण बना चुनौती
रुड़की में कोरोना वैक्सीन की पहली डोज लगवा चुके 34 हजार लोग स्वास्थ्य विभाग के लिए लक्ष्य प्राप्ति में रोड़ा बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग इन लोगों से फोन कर संपर्क करने में जुटा है लेकिन कुछ लोग फोन नहीं उठा रहे हैं तो कुछ लोग कल आने का वादा करके मुकर रहे हैं।

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन ने उत्तर-प्रदेश में भी दस्तक दे दी है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग कोरोना के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार वैक्सीन को मान रही है। रुड़की की बात करें तो यहां पर स्वास्थ्य विभाग 99 फीसदी लोगों को वैक्सीन की पहली डोज लग चुकी है। जो वैक्सीन लगवाने से छूट गया है उसमें गंभीर बीमारी से पीड़ित लोग या गर्भवती महिलाएं शामिल हैं। वहीं शहर में करीब 34 हजार ऐसे लोग चिह्नित किए गए हैं जो वैक्सीन की दूसरी डोज लगवाने से हिचकिचा रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग के पास इन लोगों से संपर्क करने का एकमात्र फोन नंबर ही रास्ता है। स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सिविल अस्पताल के रैन बसेरे में कॉल सेंटर खोलकर लोगों से संपर्क कर रहे हैं लेकिन इसमें सफलता नहीं मिल रही है। कुछ लोग दूसरी डोज लगवाने से साफ मना कर रहे हैं तो कुछ फोन नहीं उठा रहे हैं। ऐसे भी मामले सामने आए हैं जिसमें लोगों ने दो दिन बाद स्वयं आकर वैक्सीन लगवाने की बात कही लेकिन वादा नहीं निभाया। 

टीम घर-घर जाकर भी कर रही जागरूक
टीम दूसरी डोज लगवाने वाले लोगों के आधार कार्ड से उनका पता लेकर अब घर-घर जाकर भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित कर रही है। सुबह ही कई टीमें अलग-अलग दिशा में निकल जाती हैं। हालांकि इस दौरान भी सकारात्मक परिणाम सामने नहीं आ रहे हैैं।

वर्तमान में करीब 34 हजार ऐसे लोग ट्रेस किए गए हैं जिन्होंने पहली डोज लगवाने के बाद दूसरी डोज नहीं लगवाई है। जो लोग पहली डोज लगवाने के बाद दूसरी नहीं लगवा रहे हैं, उन्हें पहली डोज का भी फायदा नहीं होगा। उन्हें दूसरी डोज भी जरूर लगवानी चाहिए।

-डॉ. संजय कंसल, सीएमएस, सिविल अस्पताल, रुड़की 

87 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट चालू हालत में रखें : महानिदेशक
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा ने सभी सीएमओ को कोविड संक्रमण की रोकथाम व बचाव के लिए प्रदेश के सभी 87 पीएसए ऑक्सीजन प्लांट को चालू हालत में रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में इंडियन पब्लिक हेल्थ स्टैंडर्ड (आईपीएचएस) मानकों के अनुसार डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी। इसके लिए वर्तमान में तैनात अधिकारियों, डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की सूचना उपलब्ध कराई जाए। जिससे खाली पदों पर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा सके। 

शनिवार को निदेशालय में स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा ने सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने अस्पतालों में उपलब्ध उपकरण और आवश्यकता के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि दवाइयों और उपकरणों को खरीदने से पहले सही आकलन किया जाना आवश्यक है। महानिदेशक ने प्रदेश में मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए और सुधार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गत वर्षों की तुलना में सरकारी अस्पतालों में संस्थागत प्रसव का स्तर बढ़ा है। जिसमें शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना है। उन्होंने मातृ-शिशु की मृत्यु की समय पर सूचना देने और डेथ आडिट करने के निर्देश दिए। बैठक में निदेशक डॉ. शैलजा भट्ट, कुमाऊं मंडल की प्रभारी निदेशक डॉ. तारा आर्या समेत सभी जिलों के सीएमओ मौजूद थे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed