Coronavirus in Uttarakhand: एम्स ऋषिकेश और आईआईपी में होगी सैंपल की जांच, रिपोर्ट आने में नहीं लगेगा ज्यादा समय
- अभी जांच रिपोर्ट आने में लग रहा चार से पांच दिन का समय
- केवल मेडिकल कालेज हल्द्वानी में ही अभी तक हो रही जांच
- महंत इंद्रेश अस्पताल, आहूजा पैथोलॉजी लैब में भी जांच सुविधा के लिए प्रस्ताव भेजा।
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जानलेवा कोरोना वायरस की जांच के लिए अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोलियम (आईआईपी) देहरादून में लैब स्थापित की जाएगी। इसके लिए कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
प्रदेश में कोरोना वायरस की जांच के लिए केंद्र सरकार ने मेडिकल कालेज हल्द्वानी को सैंपल जांच की मान्यता दी है। इसके अलावा प्राइवेट और न ही किसी अन्य सरकारी अस्पतालों की लैब में कोरोना सैंपल की जांच की जा सकती है। प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने से स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रतिदिन सैंपल जांच के लिए भेजे जा रहे हैं।
लेकिन सैंपलों की जांच रिपोर्ट में चार से पांच दिन का समय लग रहा है। सरकार ने सैंपल जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए एम्स ऋषिकेश, आईआईपी में लैब स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही महंत इंद्रेश अस्पताल, आहूजा पैथोलॉजी लैब में भी सैंपल जांच सुविधा के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।
चार से पांच दिन में आ रही सैंपलों की जांच रिपोर्ट
प्रदेश में नई लैब को सैंपल जांच के लिए अधिकृत करने से स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। स्वास्थ्य विभाग ने अब तक कोरोना वायरस के दो सौ से अधिक सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। इसमें 162 सैंपलों की रिपोर्ट मिली है।
जिसमें चार मामले पॉजिटिव और 158 निगेटिव पाए गए। बाकी सैंपलों की जांच रिपोर्ट मेडिकल कालेज हल्द्वानी से आनी बाकी है। सैंपलों की रिपोर्ट आने में हो रही देरी को देखते हुए सरकार की ओर से प्रदेश में नए लैब स्थापित करने को मंजूरी दी गई है।