Coronavirus In Uttarakhand: 5700 पार पहुंची संक्रमितों की संख्या, आज मिले 272 पॉजिटिव केस, दो की मौत
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उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। शुक्रवार को प्रदेश में 272 संक्रमित मरीज मिले हैं। इसके साथ ही कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा 5700 पार पहुंच गया है। वहीं, आज 42 मरीज ठीक होकर घर लौटे हैं। लेकिन अभी भी 2176 एक्टिव केस हैं। वहीं, एम्स ऋषिकेश में दो कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने इसकी पुष्टि की है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार, आज सबसे ज्यादा 90 (दो प्राइवेट लैब) मामले ऊधमसिंह नगर में सामने आए हैं। वहीं, नैनीताल में 77, अल्मोड़ा में 31, चंपावत में 11, देहरादून में 30, हरिद्वार में 29, पिथौरागढ़ में दो संक्रमित मरीज मिले हैं। रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी में एक-एक मामला सामने आया है।
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बता दें कि प्रदेश में अब तक 62 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है। जबकि 3441 संक्रमित मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। प्रदेश में संक्रमित मरीजों की रिकवरी दर 60.19 हो गई है। वहीं, डबलिंग दर 19.92 दिन रह गई है।
सात दिन में 13 प्रतिशत घटी रिकवरी दर
प्रदेश में बीते सात दिनों में 1466 कोरोना संक्रमित मामले मिले हैं। वहीं, रिकवरी दर 13 प्रतिशत घटी है। हरिद्वार जिले में सबसे अधिक 39 प्रतिशत कम हुई है। जबकि चंपावत, बागेश्वर और चमोली जिले में रिकवरी दर 99 प्रतिशत है। जो अन्य जिलों की तुलना में सबसे ज्यादा है।
लक्सर में एक ही परिवार के 10 लोग संक्रमित
हरिद्वार के लक्सर में नारसन क्षेत्र के ब्रह्मपुर जट्ट गांव में एक ही परिवार के दस लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संक्रमित लोगों को आइसोलेट किया है। संक्रमित लोगों में दो वर्षीय बच्चा भी शामिल है।
जानकारी के अनुसार, ब्रह्मपुर जट्ट गांव में 17 जुलाई को एक युवती की कोरोना पॉजिटिव पाई गई थी। इसके बाद स्वास्थ विभाग ने युवती को इलाज के लिए मेला अस्पताल हरिद्वार भेज दिया था। साथ ही परिजनों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। जिसके बाद शुक्रवार को परिवार के 10 सदस्यों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जिससे गांव में हड़कंप मच गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. विवेक कुमार ने बताया कि परिवार में छह पुरुष, दो महिलाएं, दो वर्षीय बच्चा और नौ वर्षीय लड़की है। वहीं, बृहस्पतिवार को लक्सर की टायर फैक्ट्री में 396 कर्मचारियों की रैपिड जांच कराई गई। इसमें एक कर्मचारी के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है।
कोरोना मरीज मिलने पर ऋषिकेश में एक मोहल्ला पाबंद
कोरोना संक्रमित मरीज मिलने पर प्रशासन ने शुक्रवार को ऋषिकेश के रायवाला स्थित प्रतीत नगर के चमोली प्लाट मोहल्ला में मरीज के मकान के आसपास के इलाके को पाबंद कर दिया। क्षेत्र के बैंक, दुकानें और अन्य सभी प्रतिष्ठान बंद रहेंगे।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसके आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने बताया कि चमोली मोहल्ला निकट बस्ती का वह हिस्सा, जिसके पूर्व में कृषि भूमि, पश्चिम दिशा में खाली प्लाट, उत्तर में उत्तम सिंह का मकान व खाली प्लाट तथा दक्षिण दिशा में नहर व खाली प्लाट है। इस क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन घोषित किया गया है।
डीएम ने नगर निगम ऋषिकेश को क्षेत्र की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही मुनादी कर लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही सीएमओ को सामुदायिक स्वास्थ्य पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
कहा कि अगर कोई इमरजेंसी है तो इलाके के लोग पुलिस के टोल फ्री नंबर 112 पर संपर्क कर सकते हैं। आदेश का पालन न करने वालों के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सचिवालय में 50 प्रतिशत हो सकती है कार्मिकों की उपस्थिति
उत्तराखंड सचिवालय में कर्मचारियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत करने की व्यवस्था दोबारा लागू हो सकती है। कुछ दिन पूर्व ही शासन ने कर्मचारियों की उपस्थिति को 50 फीसदी से बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया है। लेकिन सचिवालय में कुछ कार्मिकों व उनके परिजनों में कोरोना के लक्षण मिलने के बाद अब सचिवालय प्रशासन इस पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
उधर, उत्तराखंड सचिवालय संघ ने भी शासन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। संघ के महासचिव राकेश जोशी के मुताबिक, सचिवालय में अचानक कर्मचारियों की संख्या बढ़ने से कोविड-19 महामारी के संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। बाहरी लोगों की भी आमद बढ़ गई है। हाल ही में तीन अनुभागों के कार्मिकों या उनके परिजनों में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाने से सहयोगी कर्मचारियों में भय का माहौल है। इस संबंध में अपर मुख्य सचिव एसएडी को पत्र लिखकर सचिवालय में कर्मचारियों की उपस्थिति 33 प्रतिशत करने की मांग की गई है।
उधर, शासन स्तर पर भी सचिवालय में कर्मचारियों की संख्या को सीमित करने पर गंभीरता से विचार हो रहा है। सूत्रों के अनुसार शासन कर्मचारियों की उपस्थिति 50 प्रतिशत करने के बारे में निर्णय ले सकता है। सचिवालय प्रशासन की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर उच्च स्तर पर भेज दिया गया है।
ट्रेनी आईएफएस कोरोना संक्रमित, इंदिरा गांधी नेशनल फारेस्ट अकेडमी में हड़कंप
बता दें कोरोना संकट शुरू होने के साथ ही एकेडमी में प्रशिक्षण ले रहे 2019-21 बैच के 73 ट्रेनी अफसरों को घर भेज दिया गया था। उन्हें ऑनलाइन ट्रेनिंग ही दी जा रही थी। डीओपीटी और केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की रिपोर्ट के आधार पर सभी ट्रेनी अफसरों को 15 जुलाई को अकेडमी बुलाया गया था।
देहरादून पहुंचते ही उन्हें क्वारंटीन किया गया था। एकेडमी अधिकारियों के अनुरोध पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दो दिन पूर्व सभी 53 ट्रेनी आईएफएस अफसरों के कोरोना टेस्ट किए थे। इनमें से एक सैंपल पॉजिटिव पाया गया है।
एकेडमी के एडिशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी ने बताया कि ट्रेनी अफसर को कोविड केयर सेंटर भेज दिया गया है। बाकी 52 अफसरों को एहतियातन क्वारंटाइन कर दिया गया है। हालांकि, उनकी रिपोर्ट नेगेटिव है।
दून में हो रहे एंटीजन टेस्ट, 30 मिनट में मिल रही रिपोर्ट
देहरादून जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि दून में पिछले सप्ताह से एंटीजन टेस्ट शुरू कर दिए गए हैं। जिसकी रिपोर्ट 30 मिनट में मिल रही है। बीते सात दिन के भीतर एंटीजन टेस्ट में 1200 लोगों की जांच हो चुकी है, जिसमें 17 पॉजिटिव मामले सामने आए। वहीं, राजधानी की सीमा तथा जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर भी एंटीजन टेस्ट किए जा रहे हैं।
वे शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि कोरोना की सामान्य जांच के रिजल्ट आने तक संबंधित व्यक्ति को क्वारंटीन रहना पड़ता है या फिर घर चला जाता है। ऐसे में उसके जरिये तमाम लोग कोरोना की चपेट में आने की आशंका बनी रहती है।
डीएम ने बताया कि एंटीजन जांच में निगेटिव मिले, लेकिन इसके बाद भी कई लोगों में कोरोना के कुछ लक्षण दिखने पर उनका मौजूदा तरीके से टेस्ट कराया गया, लेकिन इसमें भी उनकी रिपोर्ट निगेटिव रही। ऐसे में एंटीजन जांच काफी कारगर साबित हो रही है।
वहीं, दूसरे चरण का कम्युनिटी सर्विलांस पूरा करने के साथ अब तीसरे चरण का कम्युनिटी सर्विलांस चल रहा है। जिसके जरिये को-मोर्बिडिटी अवस्था वाले 9500 से अधिक लोग चिह्नित किए गए हैं। रोजाना कंट्रोल रूम से उनके स्वास्थ्य के बारे में पूछा जा रहा है।
डीएम ने बताया कि जिले में मौजूदा समय तक जो भी मामले मिले हैं, उसमें लोकल ट्रांसमिशन का डर नहीं है। राजधानी में करीब 200 ऐसे केस हैं, जो दूसरे राज्यों संबंधित हैं। हिंदुस्तान यूनिलीवर कंपनी के भी 40 से अधिक मामले दून में शामिल हैं, लेकिन यहां काम करने वाले रायवाला व आसपास के इलाके में रहते हैं, जिन्हें काम करने के लिए हरिद्वार जाना पड़ता है। कहा कि जो लोग भी दूसरे राज्यों से जिला आ रहे हैं, वे स्मार्ट सिटी की वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही आएं। बताया कि जिले में करीब तीन हजार बेड हैं। जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी।
तीन दिन चलेगा एंटी डेंगू अभियान
डीएम ने बताया कि जिले में अब सप्ताह में तीन दिन एंटी डेंगू अभियान चलेगा। जबकि अभी तक सप्ताह में बुधवार और शनिवार को ही नगर निगमों और पालिकाओं की ओर से अभियान चलाया जाता है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के निर्देश पर अब जिले में यह अभियान तीन दिन चलाया जाएगा। इसके लिए नगर निगमों और पालिकाओं को निर्देश दिए जा चुके हैं।