चीन में दो माह रहकर लौटा सख्स देहरादून के निजी अस्पताल में पहुंचा, हड़कंप
- स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी अस्पताल पहुंचकर की जांच
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
शंघाई (चीन) से लौटे युवक के अस्पताल पहुंचने की सूचना वायरल होने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में विभाग के डॉक्टरों की टीम अस्पताल पहुंची। युवक के साथ ही उनके परिवार के सदस्यों की जांच की गई। डॉक्टरों का दावा है कि वे सभी स्वस्थ हैं।
देहरादून निवासी एक युवक चीन के शंघाई में होटल में काम करता है। जनवरी पहले सप्ताह में वह देहरादून लौटा था। हल्का बुखार और खांसी जुखाम होने पर उसने चीन में भी डॉक्टर से चेकअप कराया था। दून पहुंचने पर युवक ने हरिद्वार रोड जोगीवाला स्थित एक निजी अस्पताल में भी डॉक्टर से जांच कराई।
वह स्वस्थ होकर घर चला गया था। बुधवार को वह अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने फिर गया। चीन से लौटे परिवार के अस्पताल पहुंचने की सूचना सोशल मीडिया में वायरल हो गई। सूचना पाकर सीएमओ ऑफिस से डॉक्टरों व अन्य पैरामेडिकल स्टाफ की टीम अस्पताल भेजी गई। टीम ने अस्पताल से मरीज का पूरा ब्योरा, उपचार व जांचों की जानकारी एकत्र की।
अफवाहों से बचें, एहतियात बरतें: सीएमओ
निजी अस्पताल से पूरी जानकारी मिलने के बाद दोपहर बाद सीएमओ डॉ. मीनाक्षी जोशी ने अपने कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस बुलाई। सीएमओ ने बताया कि कोरोना को लेकर सोशल मीडिया पर उन्हें भी कुछ जानकारी मिली थी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि अफवाहों से बचें और दहशत में न आएं। अपने देश में अब तक कोरोना का कोई भी मरीज सामने नहीं आया है। साथ ही लोग इसे लेकर एहतियात जरूर बरतें। प्रेस कांफ्रेंस में एसीएमओ डॉ. एनके त्यागी, जिला वैक्टर जनित रोग नियंत्रण अधिकारी सुभाष जोशी भी मौजूद रहे।
सभी अस्पताल रखेंगे आइसोलेशन वार्ड आरक्षित
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मीनाक्षी जोशी ने बताया कि कोरोना वायरस को लेकर सभी निजी और सरकारी अस्पतालों को अलर्ट जारी किया गया है। एहतियातन अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड आरक्षित रखने को कहा गया है। अस्पताल प्रशासन और प्रबंधनों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी मरीज में लक्षण मिलने पर सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग को दें।
ताकि समय रहते सैंपल लेकर जरूरी उपचार शुरू किया जा सके। उन्होंने बताया कि सैंपल को जांच के लिए दिल्ली, पीजीआई चंडीगढ़ और पुणे की लैब में भेजा जाता है। इसकी रिपोर्ट आने में एक हफ्ते का समय लग जाता है।
दून अस्पताल में बांटे मास्क और पीपीई किट
राजकीय दून मेडिकल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने बताया कि एहतियात के तौर पर बुधवार को अस्पताल कर्मियों को 50 मास्क बांटे। आईसीयू में काम करने वाली कर्मचारियों को तीन पीपीई (पर्सनल प्रोटेक्शन एग्जामिनेशन) किट भी दिए गए।
डॉक्टरों की छुट्टियों पर रोक
केेंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर कोरोना वायरस के अलर्ट के मद्देनजर राजकीय दून मेडिकल अस्पताल प्रशासन ने विशेष परिस्थितियों को छोड़कर सभी डॉक्टरों, पैरा मेडिकल और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। दून अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केके टम्टा ने अस्पताल के डॉक्टरों के साथ बैठक कर इससे निपटने के लिए सुविधाओं और तैयारियों का जायजा लिया।
मास्क लगाकर ड्यूटी देंगे पुलिसकर्मी
कोरोना वायरस के संक्रमण की आशंका के मद्देनजर हरिद्वार जिले में भी स्वास्थ्य महकमा चौकस हो गया है। उसने जिले में इस वायरस को लेकर गाइड लाइन जारी कर दी। मुख्य धार्मिक स्थलों के साथ विदेशी यात्रियों के आगमन वाले स्थानों पर तैनात पुलिस कर्मी एन-95 मास्क लगाकर ड्यूटी करेंगे।
जिला अस्पताल और सिविल अस्पताल रुड़की में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए हैं। रेलवे स्टेशन पर स्क्रीनिंग कैंप लगाया गया है। जनपद में जिला नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार को, जिला अस्पताल हरिद्वार में माइक्रो बायोलॉजिस्ट डॉ. निशांत अंजुम को और सिविल अस्पताल रुड़की में डॉ. एके मिश्रा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रदेश की सीमा चीन और नेपाल दोनों ही देशों से लगी, इससे प्रदेश में कोरोना वायरस के फैलने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, इस तरह की सूचना प्रदेश में कहीं से नहीं है। अलबत्ता, विशेष इंतजामों में रेलवे स्टेशन हरिद्वार पर स्क्रीनिंग कैंप लगाया जाएगा। जिला अस्पताल और रुड़की के सिविल अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बनाए गए है। अगर किसी मरीज में इसकी आशंका होती है तो उसका सैंपल लेकर पुणे भेजा जाएगा।
इस हेल्प लाइन पर दें सूचना
सीएमओ डॉ. सरोज नैथानी ने बताया कि कोरोना वायरस से जुड़ी किसी भी तरह की सूचना देने के लिए इंटीग्रेटेड हेल्प लाइन 104 पर संपर्क किया जा सकता है।
क्या है कोरोना वायरस
- कोरोना वायरस संक्रमण एक विषाणुजनित रोग है।
- चीन में कोरोना वायरल संक्रमण हो रहा है। जिससे कई अन्य देश भी प्रभावित हो रहे हैं।
- उत्तराखंड चीन और नेपाल का सीमावर्ती राज्य होने के कारण यहां भी संक्रमण की संभावना है।
कोरोना वायरस के लक्षण
कोरोना वायरस (सीओवी) के संक्रमण से जुकाम, नाक बहना, सांस लेने में तकलीफ और गले में खराश जैसी दिक्कत हो सकती है। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।
यह है बचाव
1- हाथों को साबुन से धोएं।
2- खांसते और छीकते समय नाक और मुंह को रुमाल या टिश्यू पेपर से ढककर रखें।
3- जिन व्यक्तियों में कोल्ड और फ्लू के लक्षण हों उनसे दूरी बनाकर रखें।
4- अंडे और मांस के सेवन से बचें।
5- जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।
सभी अस्पतालों में निमोनिया व सर्दी जुकाम, खांसी एवं बुखार के मरीजों पर नजर के निर्देश दिए गए हैं। किसी संदिग्ध मरीज के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजने के निर्देश दिए हैं। कोरोना वायरस संक्रमण से बचाव को कोई विशेष दवा अथवा वैक्सीन वायरस उपलब्ध नहीं है, केवल लक्षणों के आधार पर इसका उपचार किया जाता है।
- डॉ. सरोज नैथानी, सीएमओ
महानिदेशक ने मांगी बॉर्डर एरिया और एयरपोर्ट पर डेली स्क्रीनिंग रिपोर्ट
चीन में जानलेवा कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव के लिए प्रदेश के बॉर्डर एरिया और एयरपोर्ट पर चीन और नेपाल से आने वाले यात्रियों की निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमित उप्रेती ने जिलों को डेली स्क्रीनिंग रिपोर्ट निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए हैं।
बुधवार को स्वास्थ्य महानिदेशक ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जिलों के सीएमओ को सीमावर्ती क्षेत्रों के चेक पोस्ट पर प्रभावित क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों की कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने बॉर्डर एरिया, देहरादून, पंतनगर एयरपोर्ट पर तैनात मेडिकल टीमों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने निर्देश दिए कि यात्रियों की स्क्रीनिंग रिपोर्ट रोजाना निदेशालय को भेजी जाए। वहीं, हरिद्वार रेलवे स्टेशन पर निगरानी के लिए मेडिकल टीम को तैनात किया जाए।
स्वास्थ्य निदेशालय ने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस को लेकर लोगों में भय का माहौल पैदा न हो। इसके लिए पंचायतों के साथ स्कूलों में प्रार्थना सभा के दौरान वायरस के संक्रमण से बचाव के बारे में जागरूक करें। जिलों की ओर से जानकारी दी कि अस्पतालों में आईसोलेशन वार्ड बना दिए गए हैं। भीड़ भाड़ वाले स्थानों पर स्क्रीनिंग के लिए डॉक्टरों की टीमें तैनात की गई। खाद्य एवं औषधि नियंत्रण संगठन के तहत कार्यरत खाद्य सुरक्षा कर्मचारियों के माध्यम से रेस्टोरेंट, ढाबों, मीट की दुकानों का नियमित निरीक्षण किया जाएगा।
बैठक में निदेशक स्वास्थ्य डॉ. तृप्ति बहुगुणा, डॉ. एसके गुप्ता, राज्य नोडल अधिकारी डॉ. पंकज सिंह, अपर निदेशक डॉ. अनूप डिमरी, डॉ. यूएस मेहता, संयुक्त निदेशक डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।