कोरोना: वाल्वो समेत 140 बसों के संचालन पर रोक, प्लेटफार्म टिकट बढ़ा, पासपोर्ट मेला बंद
- राशन दुकानों में भी बायोमीट्रिक पर रोक
- प्लेटफार्म टिकट 10 से बढ़ाकर किया 50 रुपये
- राशन दुकानों में भी बायोमीट्रिक पर रोक
- रोडवेज ने वाल्वो समेत कई बसों के शेड्यूल में बदलाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना वायरस से खौफ जदा लोग अब बसों में भी यात्रा करने से भी परहेज करने लगे हैं। परिवहन निगम के आंकड़ों पर नजर डालें तो बीते तीन दिनों के भीतर पूरे राज्य में यात्रियों की संख्या में 50 हजार की कमी आयी है। अकेले आईएसबीटी से यात्रियों की संख्या में 20 हजार की कमी आयी है।
इसके चलते राज्य में 140 बसों के संचालन पर रोक लगा दी गई है। आईएसबीटी से 50 बसों का संचालन ठप कर दिया गया है। इनमें 15 वाल्वो व 13 हाईटेक बसें शामिल हैं।
परिवहन निगम अधिकारियों की मानें तो निगम की बसों में पहले औसतन प्रतिदिन एक लाख यात्री सफर करते थे, लेकिन जब से कोरोना का खौफ पसरा है यात्रियों की संख्या घटकर आधी हो गई है। यात्रियों की कमी के चलते परिवहन निगम को प्रतिदिन औसतन 50 लाख का नुकसान हो रहा है। आलम यह है कि चालकों-परिचालकों को यात्रियों के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है ।
प्लेटफार्म टिकट 50 रुपये
कोरोना वायरस की दहशत के बीच देहरादून रेलवे स्टेशन पर बुधवार रात 12 बजे से प्लेटफार्म टिकट 10 से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है। स्टेशन पर भीड़भाड़ कम से कम हो इसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए रेलवे की ओर से भी लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। प्लेटफार्म पर जाने वाले यात्रियों और अन्य लोगों को भी कोरोना से जागरूक किया जा रहा है। इसके साथ ही ट्रेनों को सेनेटाइज कर रवाना किया जा रहा है। इसके अलावा स्टॉल, स्वचालित सीढ़ियों और लिफ्ट आदि को भी सेनेटाइज किया जा रहा है। प्लेटफार्म पर क्लोरीन से भी धुलाई हो रही है। इसी चरण में रेलवे ने 18 मार्च की रात 12 बजे से मुरादाबाद मंडल के उत्तराखंड में पड़ने वाले देहरादून, हरिद्वार और ऋषिकेश स्टेशन पर भी 10 से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है। यह व्यवस्था अगले महीने 15 अप्रैल तक लागू रहेगी।
टिकट वितरण के आधार पर हरिद्वार को एनएसजी टू और देहरादून व ऋषिकेश को एनएसजी थ्री श्रेणी में रखा गया है। देहरादून के स्टेशन निदेशक गणेश चंद्र ठाकुर ने बताया कि कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने और बचाव के हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। कई बार यात्रियों को छोड़ने के लिए ज्यादा संख्या में उनके परिचित भी पहुंचते हैं। इस पर अंकुश लगाने के लिए प्लेटफार्म टिकट का मूल्य बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। प्लेटफार्म टिकट दो घंटे के लिए मान्य होता है। यात्रियों को इसे लेकर एनाउंसमेंट सिस्टम से भी जागरूक किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन से भी लगातार संपर्क किया जा रहा है।
ट्रेनों में घट रही भीड़
देहरादून से रवाना होने वाली ट्रेनों में लगातार भीड़ कम हो रही है। अक्सर पूरी तरह से भर कर जाने वाली ट्रेनों में सीटें खाली नजर आ रही हैं। बुधवार को शताब्दी एक्सप्रेस में लगभग 400 ही यात्री गए, जबकि 300 से अधिक सीटें खाली थी।
राशन दुकानों में भी बायोमीट्रिक पर रोक
आखिरकार राज्य खाद्य आपूर्ति विभाग भी कोरोना के प्रति जाग गया है। प्रदेश में कोरोना को महामारी घोषित किए जाने के बाद भी अभी तक विभाग की ओर कोई भी एडवायजरी नहीं की गई थी। इसके कारण अभी तक सभी राशन की दुकानों में बायोमीट्रिक से ही राशन का वितरण किया जा रहा था। बुधवार को विभाग की ओर से एडवायजरी करते हुए बायोमीट्रिक बंद क रने के साथ ही कर्मचारियों के लिए भी एडवायजरी कर दी है।
कोरोना को लेकर जहां विश्व के साथ ही पूरे देश में खौफ बना हुआ है। वहीं राज्य का खाद्य एवं नागरिक विभाग अभी तक नींद में सोया हुआ था। सभी सरकारी कार्यालयों के साथ ही संस्थानों में जहां बायोमीट्रिक पर रोक लग गई थी। वहीं अभी तक प्रदेशभर में राशन की दुकानों पर बायोमीट्रिक से ही राशन का वितरण किया जा रहा था। राशन विक्रेताओं का कहना था कि इस संबंध में कोई आदेश जारी न होने के कारण उन्हें बायोमीट्रिक कराने के बाद भी राशन का वितरण करना पड़ रहा है। विभाग के इस असंवेदनशीलता के कारण लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा बना गया था।
मामला उच्च स्तर पर संज्ञान में आने के बाद बुधवार को खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की ओर से आखिरकार एडवायजरी जारी करते हुए राशन क ी दुकानों में बायोमीट्रिक पर रोक लगाने के साथ ही कर्मचारियों के लिए भी नए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। एडवायजरी में विभाग की ओर से बैठकों के बजाए वीडियो कांफ्रेसिंग का उपयोग करने, खांसी, जुकाम, एवं सांस में तकलीफ वाले कर्मचारियों को कार्यालय न आने, उन्हें घर से ही कार्य करने की अनुमति देने, एक दूसरे से हाथ न मिलाने, बार-बार इस्तेमाल होने वाले वस्तुओं को सेनेटाइज करने के निर्देश दिए हैं। यह एडवायजरी खाद्य आयुक्त सुशील कुमार की ओर से जारी किए गए हैं।
पासपोर्ट मेला, अदालत और पूछताछ काउंटर बंद
कोरोना वायरस संक्रमण को देखते हुए पासपोर्ट मेला, पासपोर्ट अदालत और क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय के पूछताछ काउंटर अगले आदेशों तक बंद कर दिए गए हैं। साथ ही बायोमीट्रिक सत्यापन के लिए जिन पासपोर्ट आवेदकों ने अप्वाइंटमेंट लिया है, उन्हें मोबाइल पर संदेश भेजे जा रहे हैं कि कोरोना संक्रमण के प्रकोप तक बहुत जरूरी हो तभी बायोमीट्रिक सत्यापन के लिए पहुंचें। वहीं, पासपोर्ट कार्यालय हरसंभव एहतियाती कदम उठा रहा है। अमर उजाला ने 15 मार्च को सत्यापन में बायोमीट्रिक मशीन में फिंगर प्रिंट से कोरोना वायरस संक्रमण की आशंका को लेकर सतर्क करते हुए प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी।
उत्तराखंड के क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ऋषि अंगरा ने बुधवार देर शाम बताया कि विदेश मंत्रालय से इस संबंध में निर्देश मिले हैं। जिनका पालन सुनिश्चित कराया जा रहा है। लोगों से अपील की जा रही है कि बहुत जरूरी हो तभी बायोमीट्रिक सत्यापन के लिए अप्वाइंटमेंट लें। जिन्होंने पहले से अप्वाइंटमेंट लिया है, वे बहुत जरूरी हो तभी बायोमीट्रिक सत्यापन के लिए पहुंचे। एक फीस पर तीन बार अप्वाइंटमेंट लेने की सीमा की शर्त को भी फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यानी कोई तीन से ज्यादा बार भी एक ही फीस पर अप्वाइंटमेंट ले सकता है। इसी तरह पुलिस सत्यापन के आवेदन भी 30 प्रतिशत कम कर दिए गए हैं। जो पहले रोजाना लगभग 30 होते थे, वहीं अब 21 आवेदकों के ही पुलिस सत्यापन के लिए भेजे जाएंगे। पासपोर्ट के होल्ड आवेदनों को फिलहाल स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कम आने लगे आवेदक
हाथीबड़कला स्थित पासपोर्ट सेवा केंद्र में आमतौर पर 450 आवेदकों को बायोमीट्रिक सत्यापन के लिए अप्वाइंटमेंट मिलता था। अब भी रोजाना 450 आनलाइन अप्वाइंटमेंट खोले जा रहे हैं लेकिन पिछले दो-तीन दिन से औसतन 370 लोग ही बायोमीट्रिक सत्यापन के लिए अप्वाइंटमेंट ले रहे हैं। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी ऋषि अंगरा ने बताया कि पासपोर्ट कार्यालय कोरोना वायरस संक्रमण रोकथाम और बचाव को लेकर हर संभव एहतियाती कदम उठा रहा है। पीएसके के हर डेस्क पर सेनेटाइजर रखा हुआ है।
सेनेटाइजर से हाथ साफ करने के बाद ही आवेदकों और कर्मियों को प्रवेश दिया जा रहा है।
बायोमीट्रिक मशीन को हर आवेदक की फ्रिंगर प्रिंट लगाने के बाद सेनेटाइज किया जा रहा है। विभिन्न मशीनों, दरवाजों, उनके नोब्स और अन्य जगहों को भी विषाणुनाशक दवाओं से साफ किया जा रहा है। लगभग 10 से ज्यादा आवेदकों को एक साथ एकत्र नहीं होने दिया जा रहा है। पासपोर्ट कर्मी भी मास्क लगाकर और बार-बार सेनेटाइजर का इस्तेमाल कर काम कर रहे हैं। अनावश्यक किसी को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। एमकेपी रोड स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय और प्रदेश के अन्य पीएसके पर भी यही तरीका अपनाया जा रहा है।