उत्तराखंड: मसूरी के स्कूलों में सामने आए कोरोना से संदिग्ध पांच बच्चे, आइसोलेशन वार्ड में भर्ती
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उत्तराखंड में कोरोना से संदिग्ध मामले में लगातार सामने आ रहे हैं। बुधवार को मसूरी के विभिन्न स्कूलों के पांच बच्चों में कोरोना के लक्षण मिले हैं। इसलिए उन्हें संदिग्ध मानते हुए देहरादून के कोरोनेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इसमें से दो बच्चे जर्मनी, एक बच्चा इटली, एक बच्चा बैंकॉक और एक बच्चा दुबई से लौटा है। ये सभी बच्चे मसूरी के बोर्डिंग स्कूलों में पढ़ते हैं।
कोरोनेशन अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि घबराने की जरूरत नहीं है। बच्चे अभी संदिग्ध हैं। कल उनके ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे जाएंगे। इसके बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
एम्स में एक और संदिग्ध रोगी भर्ती
ऋशिकेश निवासी एक युवक में कोरोना के संदिग्ध लक्षण दिखे हैं। 37 वर्षीय युवक को बुधवार को एम्स के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया है। युवक को करीब एक सप्ताह से गले में दर्द व सूखी खांसी व सिर दर्द की शिकायत थी। मरीज का गले का नमूना कोविड 19 के लिए भेजा जा रहा है। वर्तमान में एम्स में रोगियों की कुल संख्या पांच, पुष्ट मामले शून्य, नेगेटिव रिजर्ल्ट आने के बाद दो मरीजों को छुट्टी दे दी गई।
विदेश से उत्तरकाशी लौटे युवक में कोरोना संक्रमण का संदेह
अफ्रीका महाद्वीप के कीनिया से घर लौट रहे चिन्यालीसौड़ ब्लाक के एक ग्रामीण को कोरोना वायरस संक्रमण के संदेह में स्वास्थ्य विभाग ने अपने संरक्षण में लेकर उसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी है। संदिग्ध मरीज को परीक्षण एवं उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश भेजा गया है।
गोरण कवागढ़ी निवासी महिपाल सिंह (32) कीनिया में किसी होटल में नौकरी करता है। बीते 16 मार्च को वह दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचा और वहां से 17 मार्च को चिन्यालीसौड़ पहुंचा। रात को वह चिन्यालीसौड़ में अपने किराए के आवास में ठहरा। आजकल स्कूलों में छुट्टी होने के कारण उसके बच्चे गांव गए हुए थे। बुधवार सुबह गांव जाने से पहले गले में दर्द और खांसी जुकाम की शिकायत होने पर वह चिन्यालीसौड़ बाजार स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक पर पहुंचा। डाक्टर ने पूछताछ में उसके विदेश से लौटने की जानकारी मिलने पर तत्काल इस बारे में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को इसकी सूचना दी।
विदेश से लौटे युवक में कोरोना वायरस संक्रमण का संदेह होने पर स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल उसे अन्य लोगों से दूर कर सीएचसी में बनाए गए आईसोलेशन वार्ड में भर्ती किया। सीएचसी प्रभारी डा. विनोद कुकरेती ने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से संपर्क किया। संदेह के आधार पर युवक को स्वास्थ्य परीक्षण के लिए एंबुलेंस की मदद से एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया।
युवक में अभी तक कोराना संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है। उसे एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। चिन्यालीसौड़ में युवक के संपर्क में आए लोगों को एहतियात बरतने को कहा गया है। जांच में पुष्टि होने पर उसके संपर्क में आए लोगों को भी मेडिकल जांच के लिए हायर सेंटर भेजा जाएगा।
आकाश जोशी, एसडीएम डुंडा उत्तरकाशी।
जरूरत पड़ने पर प्राइवेट हास्पिटलों का होगा अधिग्रहण
कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम के लिए सरकार जरूरत पड़ने पर बड़े प्राइवेट हास्पिटलों का अधिग्रहण करेगी। वहीं, सरकार प्रदेश में सैंपलों की जांच के लिए तीन और लैब स्थापित करेगी। इसके लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा गया है।
बुधवार को सचिव स्वास्थ्य नितेश कुमार झा ने सचिवालय में प्राइवेट हास्पिटल प्रबंधकों के साथ कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम के लिए बैठक की। इसमें प्राइवेट हास्पिटलों को कोरोना वायरस को लेकर दिशा निर्देश दिए गए। सचिव स्वास्थ्य ने प्राइवेट हास्पिटलों से वायरस के संक्रमण से बचाव करने में सहयोग का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना वायरस का संक्रमण ज्यादा फैलने की स्थिति में सरकार 500 बैड की क्षमता वाले प्राइवेट अस्पतालों को अधिग्रहण कर सकती है। निजी हास्पिटलों में इलाज करा रहे अन्य बीमारी से पीड़ित मरीजों को दूसरी जगह शिफ्ट किया जाएगा। अधिग्रहण किए जाने वाले अस्पतालों में सिर्फ कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों का इलाज किया जाएगा।
निजी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों के साथ सरकार की ओर से डॉक्टर तैनात किए जाएंगे। शासन के इस प्रस्ताव पर निजी हास्पिटल प्रबंधकों ने सहमति जताई है। उन्होंने सरकार को भरोसा दिया कि वायरस की रोकथाम के लिए हर तरह से मदद सहयोग करने को तैयार हैं।
सैंपल जांच के लिए तीन और लैब बनेगी
कोरोना वायरस संक्रमण के सैंपल जांच के लिए सरकार एम्स ऋषिकेश, महंत इंद्रेश हास्पिटल और दून अस्पताल में लैब स्थापित करेगी। इसके लिए सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। अभी तक केंद्र की ओर से सुशीला तिवारी मेडिकल कालेज हल्द्वानी को सैंपल जांच की अनुमति दी गई है।
16 और सैंपल जांच के लिए भेजे
स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार बुधवार को देहरादून व नैनीताल जनपद से कोरोना वायरस संक्रमण जांच केे लिए 16 सैंपल भेजे गए। इसमें दून अस्पताल से 10, मैक्स हास्पिटल से चार, जीएमएस हल्द्वानी व कंबाइड हास्पिटल रामनगर से एक-एक सैंपल भेजे गए हैं। अब प्रदेश से 78 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इसमें 38 की रिपोर्ट आनी बाकी है।
एसटीएच में भी एक संदिग्ध मरीज भर्ती
सुशीला तिवारी अस्पताल में मंगलवार की देर शाम खांसी और जुकाम के लक्षण लेकर एक संदिग्ध मरीज पहुंचा। इमरजेंसी में संदिग्ध मरीज के पहुंचते ही हड़कंप मच गया। उसे आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि मेडिकल कॉलेज के वायरोलाजी लैब में आए कोरोना के 16 मरीजों संदिग्ध की रिपोर्ट निगेटिव आई है।
प्राचार्य प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने बताया कि संदिग्ध मरीज कुछ समय पहले जयपुर गया था और विदेशियों के संपर्क में रहा था। उसका सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि मंगलवार को देहरादून समेत अन्य जगह से 16 सैंपल आए थे। सभी को जांच के लिए भेजा गया था। बुधवार को सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई है। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार देहरादून से आज 41 सैंपल आए हैं, जबकि चार सैंपल अन्य जिलों से आए हैं।
34 की निगरानी कर रहा है स्वास्थ्य विभाग
एसीएमओ डॉ. रश्मि पंत ने बताया कि विदेश से लौटे 34 लोगों की निगरानी की जा रही है। उनको घर पर ही क्वारंटीन कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दो लोग विदेश से आए थे। इसकी जानकारी शासन से मिली थी। आज टीम को भेजकर परीक्षण कराया गया और परामर्श दिया गया।