फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Coronavirus Covid 19 pandemic in Uttarakhand update 24 June : 118 New infected Three died in 24 hours

उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में मिले 118 नए संक्रमित, तीन की मौत, 250 मरीज हुए ठीक

Thu, 24 Jun 2021 09:13 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 24 Jun 2021 09:13 PM IST
सार

उत्तराखंड में अब कोरोना संक्रमण के मामले कम होने लगे हैं। वहीं, प्रदेश में रिकवरी रेट भी 95.40 फीसदी तक पहुंच गया है।

विज्ञापन
Coronavirus Covid 19 pandemic in Uttarakhand update 24 June : 118 New infected Three died in 24 hours
कोरोना वायरस की जांच - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

उत्तराखंड में पिछले 24 घंटों में कोरोना संक्रमण के 118 नए मामले सामने आए हैं। वहीं तीन मरीजों की मौत हुई है। इसके अलावा आज 250 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। 

विज्ञापन


स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, गुरुवार को 22580 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं, अल्मोड़ा में सात, बागेश्वर तीन, चमोली में पांच, चंपावत में पांच, देहरादून में 49, हरिद्वार में छह, नैनीताल में 10, पौड़ी में 11, पिथौरागढ़ में दो, रुद्रप्रयाग में छह, टिहरी में सात, ऊधमसिंह नगर में चार और उत्तरकाशी में तीन मामले सामने आए हैं।
विज्ञापन


टीका ही बचाएगा अभियान : नौकरी छोड़ मिशन टीकाकरण में जुटे चैन सिंह, ग्रामीणों को कर रहे जागरूक
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या तीन लाख 39 हजार 245 हो गई है। इनमें से तीन लाख 23 हजार 627 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक चुल 7074 लोगों की जान जा चुकी है।

ब्लैक फंगस के छह नए मामले, पांच मरीजों की मौत
प्रदेश में ब्लैक फंगस के मामले और मौतें थम नहीं रही है। गुरुवार को छह नए मामले आए और पांच मरीजों की मौत हुई है। अब तक कुल मामले 478 हो गए हैं। जबकि 88 मरीजों की मौत हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार देहरादून जिले में छह नए मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। मरीजों को इलाज के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती किया गया है। जबकि एम्स ऋषिकेश में चार और सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में एक मरीज ने इलाज के दौरान दमतोड़ा है। कुल मरीजों की संख्या 479 पहुंच गई है, इनमें से 88 मरीजों की मौतें हुई है। इसमें 226 मामले दूसरे राज्यों के है। वर्तमान में एम्स ऋषिकेश में 315, हिमालयन हॉस्पिटल में 45, सुशीला तिवारी मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी में 33, श्री महंत इन्दिरेश हॉस्पिटल में 30 और दून मेडिकल कॉलेज में 30 मरीजों का इलाज चल रहा है।

मसूरी में तीसरी लहर के लिए बनी रणनीति

कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए मसूरी एसडीएम मनीष कुमार ने शहर के विभिन्न सगंठनों के साथ बैठक कर चर्चा की और लोगों से सुझाव मांगे। बैठक में शहर को शत प्रतिशत वैक्सीनेशन कराने का लक्ष्य रखा गया। साथ ही लक्ष्य जल्द पूरा करने के लिए सभी से सहयोग की अपील की। 

एसडीएम कार्यालय में हुई बैठक में मसूरी ट्रेडर्स एसोसिएशन ने शहर में एक जुलाई तक 99 प्रतिशत वैक्सीनेशन कराने की बात रखी। एसडीएम मनीष कुमार ने सभी लोगों से वैक्सीन लगवाने की अपील की। एसडीएम ने कहा कि पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध है। कहा कि शहर में लगातार सैलानियों की संख्या बढ़ रही है। इसे देखते हुए शहर के सभी लोगों का वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है।

उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर से निपटने के लिए संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा। बैठक में निर्णय लिया गया है कि प्रशासन और मसूरी ट्रेडर्स संयुक्त रूप से लोगों को टीकाकरण के लिए प्रेरित करेंग। शहर में टीकाकरण के लिए कई जगह शिविर लगाए जाएंगे। इसके अलावा माल रोड पर बिना मास्क के घूमने वालों पर सख्ती करने और सोशल डिस्टेंसिंग का उल्लघंन करने पर चालान करने पर जोर दिया गया।

साथ ही शहर के बंद पर्यटक स्थलों को गाइडलाइन के अनुसार खुलवाने पर चर्चा की गई। बैठक में  उत्तराखंड होटल एसोसिएशन अध्यक्ष संदीप साहनी, मसूरी ट्रेडर्स अध्यक्ष रजत अग्रवाल, जगजीत कुकरेजा, नागेंद्र उनियाल, शहर कोतवाल राजीव रौथाण, संजय अग्रवाल, देवी गोदियाल, सलीम अहमद, आरएन माथुर सहित विभिन्न सगंठनों से जुड़े लोग मौजूद रहे। 

उत्तराखंड में सिर्फ 8.9 प्रतिशत मृत्यु प्रमाण पत्र में मौत का कारण

उत्तराखंड में होने वाली मौतों में सिर्फ 8.9 प्रतिशत मामलों में मृत्यु का कारण पता चल रहा है। केंद्र सरकार के सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम की 2019 रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। मृत्यु का मेडिकल प्रमाण पत्र के लिए 2019 में उत्तराखंड में कुल 95.6 प्रतिशत मौतें पंजीकरण की गई। जिसमें 8.9 प्रतिशत में ही मौत के कारणों का पता लगा है। 

केंद्र सरकार के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना उपायुक्त कार्यालय की ओर से सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम के तहत वर्ष 2019 की मृत्यु के कारण का मेडिकल प्रमाण पत्र(एमसीसीडी) की रिपोर्ट जारी की गई। जिसमें खुलासा हुआ कि उत्तराखंड में 2019 में 95.6 प्रतिशत मेडिकल सर्टिफिकेट के लिए पंजीकरण किया गया। इसमें सिर्फ 8.9 प्रतिशत मेडिकल प्रमाण पत्र में मौत का कारण बताया गया। जबकि गोवा में शत प्रतिशत मौतों का पंजीकरण कर कारणों को बताया गया। लेकिन 36 राज्य व केंद्र शासित राज्यों में उत्तराखंड 32 वें स्थान पर है।

सोशल डेवलपमेंट फार कम्युनिटी फाउंडेशन के अध्यक्ष अनूप नौटियाल का कहना है कि केंद्र सरकार के सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम ने हाल में सभी राज्यों की मौत का मेडिकल प्रमाण पत्र की रिपोर्ट जारी की है। अन्य राज्यों की तुलना में उत्तराखंड की स्थिति बेहद चिंताजनक है।

रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि प्रदेश में 95.6 प्रतिशत मृत्यु प्रमाण के लिए पंजीकरण किया गया। लेकिन 8.9 प्रतिशत मौतों में ही मृत्यु कारण पता लगा है। नौटियाल ने कहा कि सरकार को नीति बनाने में आंकड़ों को महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जिसके आधार पर सरकार नीति व योजनाएं तैयार करती है। लेकिन जब मौत के कारणों का सही वजह ही पता नहीं होगा। तो स्वास्थ्य सेवाओं में किस तरह से सुधार किया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed