फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Corona in Uttarakhand Latest news : corona disturbing women menstrual cycle

उत्तराखंड में कोरोना : सावधान! महिलाओं का माहवारी चक्र भी बिगाड़ रहा कोरोना

Sat, 29 May 2021 06:41 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 29 May 2021 06:41 PM IST
सार

स्त्री रोग विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना संक्रमित महिलाओं में अनियमित माहवारी के साथ ही कई अन्य शारीरिक समस्याएं देखने को मिल रही हैं।

विज्ञापन
Corona in Uttarakhand Latest news : corona disturbing women menstrual cycle
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

कोरोना बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों के साथ ही महिलाओं के लिए भी कई समस्याएं खड़ी कर रहा है। कोरोना जहां गर्भवती और गर्भस्थ शिशु पर प्रभाव डाल रहा है, वहीं महिलाओं के माहवारी चक्र को भी प्रभावित कर रहा है।

विज्ञापन


ब्लैक फंगस: इलाज में इंजेक्शन पर हो रहा पांच लाख का खर्चा, एक मरीज को लगने होते हैं 75 से 100
विज्ञापन


स्त्री रोग विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना संक्रमित महिलाओं में अनियमित माहवारी के साथ ही कई अन्य शारीरिक समस्याएं देखने को मिल रही हैं। ऐसे मेें कोरोना से ठीक होने के बाद पौष्टिक खानपान और संतुलित जीवनशैली अपनाकर तमाम समस्याओं से निजात पाई जा सकती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

ब्लैक फंगस: एक मरीज को 150 इंजेक्शनों की जरूरत, 25 दिन तक रोजाना लगाए जाते हैं छह इंजेक्शन 


राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. सुजाता संजय का कहना है कि गर्भवती महिलाओं के साथ ही स्वस्थ महिलाओं को भी विशेष एहतियात बरतने की जरूरत है। माहवारी के दौरान महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो जाती है।

डिसमेनोरिया की शिकायत

ऐसी स्थिति में महिलाओं के संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। इन परिस्थितियों में महिलाओं को कोरोना संक्रमण से बचने को लेकर खास एहतियाती कदम उठाना चाहिए।

कोरोना संक्रमण के चलते महिलाओं में एमेनोरिया यानी कभी-कभी माहवारी का नहीं आना जैसी समस्याएं भी देखने को मिल रही है। 

वहीं, मानसिक तनाव से जूझ रही कई महिलाएं डिसमेनोरिया की शिकायत दर्ज करा रही हैं। डिसमेनोरिया होने से माहवारी के दौरान गर्भाशय में असहनीय पीड़ा होती है।

डॉ. सुजाता का मानना है कि महिलाएं किसी भी सूरत में मानसिक तनाव न पालें। तनाव कम करने के लिए तुलसी के पत्ते खाएं और तुलसी की चाय पिएं। शहद और नींबू के साथ ग्रीन टी पीने से भी तनाव कम होता है। अश्वगंधा की जड़ को रोज रात में एक गिलास गर्म दूध में उबालकर पीने से महिलाओं को फायदा होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed