उत्तराखंड में कोरोना: मुख्यमंत्री धामी ने स्थगित किए सभी सार्वजनिक कार्यक्रम, बीते 24 घंटे में मिले 814 संक्रमित
पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना संक्रमण के एक लाख 41 हजार मामले सामने आए हैं। वहीं उत्तराखंड की बात करें तो राज्य में 814 मामले सामने आए हैं।
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उत्तराखंड में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने सभी सार्वजनिक कार्यक्रम में स्थगित कर दिए हैं। शनिवार को मुख्यमंत्री धामी ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा ' कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण के दृष्टिगत आज के सारे कार्यक्रम स्थगित कर रहा हूं।'
पिछले 24 घंटों में देश में कोरोना संक्रमण के एक लाख 41 हजार मामले सामने आए हैं। वहीं उत्तराखंड की बात करें तो राज्य में 814 मामले सामने आए हैं।
संक्रमण ने लगाई छलांग, एक दिन में मिले 814 नए संक्रमित
उत्तराखंड में कोरोना संक्रमितों का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। बीते 24 घंटे में 814 नए संक्रमित मरीज मिले हैं, जबकि 147 मरीज स्वस्थ हुए हैं। सक्रिय मरीजों का आंकड़ा दो हजार पार हो गया है। पिछले सात दिन में संक्रमित मामलों में सात गुणा की बढ़ोतरी हुई है। कुल संक्रमितों की संख्या 347912 हो गई है।
उत्तराखंड में कोरोना: पॉजिटिव आने के बाद होम आइसोलेशन के बजाय देहरादून चले गए संक्रमित पर्यटक
प्रदेश में कोरोना संक्रमण ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक शुक्रवार को प्रदेश के 13 जिलों में 814 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए। 13752 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। देहरादून जिले में सबसे अधिक 325 नए संक्रमित मिले हैं। नैनीताल में 233, हरिद्वार में 119, ऊधमसिंह नगर में 35, पौड़ी में 21, अल्मोड़ा में 14, बागेश्वर में 10, चंपावत में 13, उत्तरकाशी में 10, टिहरी में 12, पिथौरागढ़ में 11, रुद्रप्रयाग में छह, चमोली जिले में पांच संक्रमित मिले हैं। कोरोना मरीजों की कोई मौत नहीं हुई है। जबकि 147 संक्रमित मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है। इन्हें मिला कर अब तक 331903 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
संक्रमितों की तुलना में ठीक होने वालों की संख्या कम है। जिससे सक्रिय मामले दो हजार पार कर चुके हैं। प्रदेश की रिकवरी दर कम हो रहे हैं। वर्तमान में रिकवरी दर 95.40 प्रतिशत और सैंपल जांच के आधार पर संक्रमण दर 5.59 प्रतिशत पहुंच गई है। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. तृप्ति बहुगुणा का कहना है कि कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए विभाग की तरफ से हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से कोविड के अनुरूप व्यवहार का पालन कर अनिवार्य रूप से मास्क पहनें और भीड़भाड़ वाले स्थानों में जाने बचें। खांसी, जुकाम व कोविड के लक्षण होने पर जांच कराएं।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए तैयारियों में न हो ढील : मुख्य सचिव
प्रदेश में तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमित मामलों को देखते हुए शासन स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों की लगातार निगरानी की जा रही है। शुक्रवार को मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधु ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम व बचाव के लिए नोडल अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि संक्रमण से बचाव के लिए तैयारियों में किसी तरह से ढील न हो। पीएचसी और सीएचसी स्तर पर पर्याप्त मात्रा में दवाईयों और आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
सचिवालय में हुए बैठक में मुख्य सचिव ने सभी नोडल अधिकारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए। उन्होंने होम आइसोलेशन और उससे संबंधित सभी आवश्यक तैयारियों को सक्रिय स्थिति में रखने को कहा। प्रदेश के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत घर, स्कूलों में दी जाने वाली सुविधाओं को समय रहने पूरा किया जाए।
मुख्य सचिव ने सचिव स्वास्थ्य को निर्देश दिए कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक चिकित्सा आवश्यक उपकरण, दवाएं समेत अन्य चिकित्सा सामग्री की कोई कमी न हो। कोविड की दूसरी लहर के बाद प्रदेश में ऑक्सीजन उपलब्धता की बेहतर स्थिति है। तीसरी लहर की संभावना को देखते हुए हरसंभव तैयारी करनी है। आयुष विभाग के माध्यम से इम्युनिटी बूस्ट के कार्यों को लगातार जारी रखा जाए और इसका प्रचार प्रसार भी किया जाए।
छोटी-छोटी वीडियो के माध्यम से लोगों को कोविड संक्रमण के प्रति सजग करने की आवश्यकता है। इसके लिए स्थानीय भाषाओं में छोटे वीडियो बना कर प्रचार प्रसार करें। मुख्य सचिव ने विभागीय अधिकारियों को चिकित्सा उपकरण के वितरण और अस्पतालों के लिए दवाईयां आपूर्ति प्रबंधन को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन, सचिव अमित नेगी, आर. मीनाक्षी सुंदरम, डीजीपी संजय गुंज्याल, वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सचिव दिलीप जावलकर, एसएस मुरुगेशन, चंद्रेश यादव मौजूद रहे।
खुलने में थूकने और कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध चलाएं अभियान
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को प्रदेश भर में सफाई के साथ सैनिटाइजेशन के लिए अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोगों को कोविड संक्रमण के प्रति सजग करने के लिए लगातार घोषणाएं की जाए। सार्वजनिक स्थलों में मास्क न पहनने वालों के साथ ही थूकने और कचरा फेंकने वालों के विरुद्ध कार्रवाई कर चालान करने के निर्देश दिए हैं।