उत्तराखंड में कोरोना: 24 घंटे में 56 नए संक्रमित मिले, दो मरीजों की मौत
उत्तराखंड में कोरोना संक्रमण के मामले कम होने लगे है। प्रदेश में संक्रमितों का रिकवरी रेट 95.90 पहुंच गया है।
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उत्तराखंड में बीते 24 घंटे में 56 संक्रमित मिले हैं। वहीं गुरुवार को दो मरीजों की मौत हुई है। जबकि 48 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया। वहीं, सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 649 पहुंच गई है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी बुलेटिन के अनुसार, गुरुवार को 24759 सैंपलों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। वहीं चार जिलों बागेश्वर, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और ऊधमसिंह नगर में एक भी संक्रमित मरीज सामने नहीं आया है। वहीं, अल्मोड़ा में छह, चमोली और चंपावत में एक-एक, देहरादून में 18, हरिद्वार में दो, नैनीताल में नौ, पिथौरागढ़ 10, टिहरी में तीन और उत्तरकाशी में छह संक्रमित मिले हैं।
प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 341629 हो गई है। इनमें से 327606 लोग ठीक हो चुके हैं। प्रदेश में कोरोना के चलते अब तक कुल 7359 लोगों की जान जा चुकी है।
ब्लैक फंगस से एक की मौत
प्रदेश में ब्लैक फंगस से एक मरीज की मौत हुई है। जबकि पिछले 24 घंटे में कोई नया मामला नहीं मिला है। कुल मरीजों की संख्या 548 हो गई है। अब तक ब्लैक फंगस से 121 मौतें हो चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार एम्स ऋषिकेश में भर्ती एक मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ा है। वहीं, 17 मरीजों को ठीक होने के बाद घर भेजा गया है।
तीसरी लहर रोकने के लिए सरकार को दिए 10 सुझाव
कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए सोशल डेवलपमेंट फॉर कम्युनिटी फाउंडेशन (एसडीसी) ने सरकार को 10 सुझाव दिए हैं। इस संबंध में एसडीसी की ओर से स्वास्थ्य मंत्री को पत्र भेजा गया है।
एसडीसी फाउंडेशन ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ.धन सिंह रावत को पत्र लिखकर सुझाव दिया कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान सामने आईं समस्याओं को देखते हुए की तीसरी लहर को रोकने के लिए 10 बिंदुओं पर काम करने की जरूरत है। फाउंडेशन का सुझाव है कि कोविड टेस्टिंग के लिए प्राइवेट लैब के साथ सामंजस्य बनाया जाए। टेस्ट करवाने वाले हर व्यक्ति को रिपोर्ट का इंतजार किए बिना कोविड किट उपलब्ध कराएं।
मार्केट में कोविड प्रोटोकॉल की दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, दवाइयों और अन्य मेडिकल उपकरणों की काला बाजारी रोकने जैसे कई सुझाव दिए हैं। पत्र में कहा गया कि दूसरी लहर के दौरान जब लोग अपने मरीजों के लिए अस्पतालों में बेड की तलाश कर रहे थे तो स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट पर उपलब्धता गलत दिखाई जा रही थी। कई अन्य जानकारियां भी उपलब्ध नहीं थीं।
स्वास्थ्य विभाग की वेबसाइट लगातार अपडेट की जानी चाहिए और जरूरत पड़े तो इस काम के लिए वेब मास्टर्स की नियुक्तियां की जाएं। ऑक्सीजन व एंबुलेंस की पुख्ता व्यवस्था करने, विभिन्न कार्यों में सिविल सोसायटी की मदद लेने, संक्रमित परिवारों के लिए भोजन की व्यवस्था करने और हर मरीज की काउंसलिंग करने की व्यवस्था अभी से करनी चाहिए। फाउंडेशन के संस्थापक अनूप नौटियाल का कहना है कि इन 10 बिंदुओं पर गंभीरता से काम किया जाए तो तीसरी लहर से निपटने में ज्यादा आसानी होगी।
कोरोना की तीसरी लहर रोकने को 31 जुलाई तक पूरे करे इंतजाम: सीएम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की रोकथाम व बचाव के लिए जिलों में 31 जुलाई तक सभी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का इंतजाम पूरे करें। स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए बजट की कोई कमी नहीं रहेगी।
बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और जिलाधिकारियों के साथ कोरोना से बचाव की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिला अस्पतालों में ऑक्सीजन, ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड व बच्चों के लिए अलग से ऑक्सीजन व आईसीयू बेडों की व्यवस्था की जाए। सभी जिलाधिकारी 31 जुलाई तक व्यवस्था को पूरा करें। कोरोना से बचाव के लिए टेस्टिंग व टीकाकरण बेहद जरूरी है।
पिछले कुछ समय में कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है लेकिन अभी भी पूरी सावधानी व सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। राज्य में सेना अस्पतालों में कोविड इलाज के लिए अतिरिक्त बेडों की व्यवस्था व वैक्सीन की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता के लिए रक्षा मंत्री व गृह मंत्री से भी बात करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलाधिकारी जनपद के सभी अस्पतालों में की जाने वाली व्यवस्थाओं का आंकलन भी करें ताकि आवश्यकता पड़ने पर एक ही अस्पताल पर दबाव न पड़े।
मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने जिलाधिकारियों से कोविड की तीसरी लहर की चुनौती का सामना करने के लिए तैयारी रखने को कहा है। उन्होंने कहा कि इससे हम प्रदेश में हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने में भी सफल होंगे। उन्होंने कहा कि कोविड के बाद इन व्यवस्थाओं का कैसे बेहतर उपयोग हो सके, इस पर भी ध्यान दिया जाए।
सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी ने कोविड के बचाव के संबंध में राज्य स्तर पर की गई गई व्यवस्थाओं का प्रस्तुतीकरण दिया गया। बैठक में अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. रणजीत सिन्हा समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।