45 ट्रेनी बने वन अधिकारी, सीएम रावत ने मेडल देकर किया सम्मानित
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केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा के दीक्षांत समारोह से पास आउट होकर 45 ट्रेनी अपने राज्यों के वन महकमे में वन अधिकारी बन गए। इनमें 11 महिला अधिकारी भी शामिल थीं। हालांकि उत्तराखंड का एक भी अधिकारी इसमें शामिल नहीं था। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने सभी को मेडल और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।
सोमवार को केंद्रीय अकादमी राज्य वन सेवा में 2015-17 बैच के ट्रेनी आफिसरों का दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। समारोह का शुभारंभ मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने किया। समारोह में 45 अधिकारी पासआउट हुए। इनमें मणिपुर के 11, राजस्थान के 33 और केरल के एक अधिकारी शामिल हैं। इस मौके पर सीएम त्रिवेंद्र ने कहा कि जिस क्षेत्र में पुरुषों का आधिपत्य माना जाता रहा है, वहां महिलाएं भी जगह बना रही हैं।
इससे पहले अकादमी की प्राचार्य मीरा अय्यर ने वार्षिक रिपोर्ट पेश की। उन्होंने बताया कि सबसे पहले 16 महीने का अकादमी में प्रशिक्षण हुआ। इसके बाद चार माह की फील्ड ट्रेनिंग हुई।
कोर्स में 1100 घंटे का पठन पाठन शामिल है। समारोह में आईजीएनएफए के निदेशक डा. शशि कुमार, आईसीएफआरई के महानिदेशक डा. एससी गैरोला, भारतीय वन सर्वेक्षण महानिदेशक सैबल दास गुप्ता, डब्ल्यूआईआई निदेशक डा. वीबी माथुर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अजय कुमार, राजपाल सिंह, डा. सविता आदि मौजूद रहे।
किसे कौन सा मेडल
मिनिस्ट्री ऑफ एनवायरमेंट क्लाइमेट चेंज गोल्ड मेडल : सुभाष केबी, केरल
बेस्ट आलराउंडर ट्रेनी ऑफिसर सिल्वर मेडल : सुभाष केबी, केरल
फारेस्ट मैनेजमेंट एंड वर्किंग प्लान सिल्वर मेडल : डा. आशीष व्यास, राजस्थान
प्रॉफिशिएंसी इन इकोलॉजी सिल्वर मेडल : सुभाष केबी, केरल
आरसी कौशिक प्राइज फॉर प्रॉफिशिएंसी इन सोइल : छविंद्र पाल सिंह चौहान, राजस्थान
सीएएसएफओएस एसोसिएशन प्राइज : सुनील गुप्ता, राजस्थान
पी श्रीनिवास प्राइज इन फॉरेस्ट प्रोटेक्शन : डा. आशीष व्यास, राजस्थान