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सरकार ने किसी को दिया तोहफा तो कोई रुठा
अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 08 Nov 2013 09:59 AM IST
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स्थापना दिवस से ठीक पहले उत्तराखंड सरकार संविदा कर्मियों को नियमित होने का तोहफा देने जा रही है।
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शुक्रवार को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लग सकती है। वहीं राज्य के लगभग चालीस हजार निगम कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ा दिया साथ ही सबको 3454 रुपए का बोनस देने का शासनादेश भी जारी कर दिया।
नियमितीकरण पर होगी चर्चा
सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विभिन्न विभागों में आठ साल तक निरंतर सेवा करने वाले करीब 20 हजार संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर चर्चा होगी। इसमें राज्य कर्मचारियों की मांगों से संबंधित मुद्दों को शामिल किया गया है। इसके अलावा पीटीए शिक्षकों से संबंधित मसलों पर भी विचार होगा।
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पहले यह कैबिनेट छह नवंबर को थी पर प्रिंस चार्ल्स के दौरे को देखते हुए अब आठ नवंबर को यह बैठक होगी। इसके एक दिन बाद स्थापना दिवस है, जिसमें गैरसैंण में विधान भवन का शिलान्यास किया जाना है। ऐसे में स्थापना दिवस पर की जाने वाली कई घोषणाओं पर भी कैबिनेट में चर्चा होगी।
राज्य कर्मचारियों की भांति ही निगम कर्मचारियों को भी डीए का भुगतान 1 जुलाई से किया जाएगा। गौरतलब है कि शासन ने डीए बढ़ोतरी का भार सीधा निगमों के खाते में डालते हुए स्पष्ट किया है कि शासन स्तर से कोई वित्तीय सहायता प्रदान नहीं की जाएगी।
परेशानी कम नहीं हुई
इतने तोहफे बरसाने के बावजूद सरकार का सिरदर्द कम नहीं हो रहा है। बुधवार को 21 दिन की मशक्कत के बाद राजकीय कर्मचारियों की हड़ताल खत्म हुई तो अब कलेक्ट्रेट कर्मचारी और शिक्षक हड़ताल पर जाने की तैयारी में जुट गए हैं। कलेक्ट्रेट कर्मियों ने बृहस्पतिवार को हाजिरी तो लगाई पर काम नहीं किया।
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इससे तहसील से लेकर कलेक्ट्रेट तक में लोगों के लिए परेशानी खड़ी हो गई। इन कर्मचारियों का अभी दो दिन का कार्य बहिष्कार और है।
मांगे न मानी गई तो वे बेमियादी हड़ताल पर चले जाएंगे। वहीं शिक्षक भी अब राज्य कर्मचारियों की तर्ज पर एसीपी की मांग को लेकर आंदोलन पर उतर आए हैं। शिक्षकों ने सामूहिक छुट्टी लेकर मांगों के समर्थन में हुई रैली में शिरकत की।
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