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'खजाने' की बेखौफ खुदाई, बैकफुट पर पुलिस-प्रशासन
अमर उजाला, देहरादून/हरिद्वार
Updated Sun, 05 Jan 2014 10:37 AM IST
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उत्तराखंड में नदियों किनारे खजाने यानी कीमती रेत, बजरी और पत्थरों का खनन-चुगान बेखौफ जारी है।
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खनन माफिया नेताओं और अफसरों की सरपरस्ती में बेखौफ है। विकासनगर में दारोगा और सिपाही को खनन माफिया ने शुक्रवार को रौंदना चाहा। मामले में एक नामित सभासद उल्टे पुलिस पर ही रौब गालिब करने लगा।
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पुलिस ने मुकदमा तो दायर कर लिया है, लेकिन आरोपी और चालक 24 घंटे बाद भी पुलिस पकड़ से बाहर हैं। अब इसका अंजाम देखना रोचक होगा क्योंकि ऐसे दिलेर माफिया की करतूतें रफा-दफा होने का लंबा सिलसिला है।
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कुछ ही दिन पहले छापा मारने गई रुड़की की ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को भी खनन माफिया ने कुचलने की कोशिश की थी। जाने कौन सा दबाव था कि अगले ही दिन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ने घटना को मामूली बताते हुए रिपोर्ट लिखवाने से इंकार कर दिया।
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लक्सर के तहसीलदार पर हमले के मामले में भी ऐसा ही हुआ। बाद में हमले की बात से वे भी मुकर गए। हरिद्वार के तत्कालीन तहसीलदार की गाड़ी को टक्कर मारकर तोड़ दिया गया। नायब तहसीलदार की गाड़ी पर ट्रैक्टर-ट्राली चढ़ाने की कोशिश की गई।
लेकिन दोनों ही मामलों में अधिकारियों ने कार्रवाई के बजाय चुप्पी की चादर ओढ़ ली। बताया जाता है कि हरिद्वार जिले में खनन माफिया के तार बड़ी सियासी हस्ती से जुड़े हैं। हां, बीच-बीच में दिखावे की कार्रवाई भी होती रहती है।
रोचक बात यह है कि जिले की दो सियासी हस्तियों के बीच छिड़ी हालिया जुबानी जंग में एक मंत्री ने एक विधायक पर साफ-साफ खनन माफिया को सपोर्ट करने का आरोप मढ़ा।
दिल्ली तक का दबाव
एक तरफ अवैध खनन रोकने के लिए टास्क फोर्स के छापे मारे जा रहे हैं तो दूसरी ओर चहेतों को खनन पट्टे दिलाने का खेल भी जारी है। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस के ही एक केंद्रीय नेता की सिफारिश पर हरीपुर कालसी पर हरियाणा के एक व्यक्ति को पट्टा दिया गया है।
हालांकि कागजों पर यह पट्टा एक स्थानीय व्यक्ति के नाम से है। कमाई का एक फीसदी हिस्सा स्थानीय व्यक्ति को दिया जाता है, जबकि 99 फीसदी हरियाणा के व्यक्ति के जेब में जाता है। उक्त व्यक्ति को पट्टा देना सरकार के ही एक कद्दावर इलाकाई नेता को नागवार गुजर रहा था।
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उसका ठेका बंद कराने के लिए उन्होंने शासन पर जबर्दस्त दबाव बनाया। नतीजतन खनन बंद करा दिया गया। दरअसल नेताजी अपने एक चहेते व्यक्ति को हरीपुर कालसी में खनन का पट्टा दिलाना चाह रहे थे। उसके दबाव में चहेते की फाइल भी विभिन्न विभागों में तेजी से दौड़ रही है।
संभव है कि जल्द ही उसे ग्रीन सिग्नल भी मिल जाए। ढकरानी में 28 बीघे में उक्त केंद्रीय नेता की सिफारिश पर ही हरियाणा के एक व्यक्ति को खनन का पट्टा दिया गया था, जिसे बंद करा दिया गया है। यह पट्टा भी स्थानीय व्यक्ति के नाम पर जारी किया गया है।
पांच खनन पट्ट सिफारिशी
विकासनगर और आसपास के क्षेत्र में पांच खनन के जारी किए गए पट्टों में खेल किया गया है। किसी न किसी कांग्रेस के केंद्रीय या स्थानीय बड़े नेताओं के सिफारिशों पर जारी किए गए है।
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कुमाऊं में खनन पट्टा दिलाने को लेकर सरकार में बड़े पद पर बैठे एक नेता ने देहरादून के एक अधिकारी को धमकी तक दे डाली। कहा कि जल्द ही अनुमति दो नहीं तो मुख्यमंत्री से शिकायत कर दूंगा।
इस पर अफसर ने कहा कि मानकों की जांच करने के बाद ही किसी प्रकार का आदेश जारी किया जा सकता है।