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भारत-तिब्बत व्यापार की अवधि बढ़ाने पर विचार होगा: रिजिजू
ब्यूरो / अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)
Updated Thu, 13 Oct 2016 10:00 AM IST
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किरण रिजिजू
- फोटो : ANI
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केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू ने कहा कि भारत-तिब्बत व्यापार की अवधि 15 दिन किन कारणों से कम की गई, इसका दिल्ली जाकर पता लगाएंगे।
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यदि सामान्य हालातों में व्यापार की अवधि कम की गई है तो इसे वापस लिया जाएगा और व्यापार पिछले साल की तरह 31 अक्तूबर तक चलेगा। उन्होंने व्यापार अवधि बढ़ाने के लिए तत्काल तो कोई एलान नहीं किया, लेकिन इतना संकेत जरूर दिया कि सीमांत के व्यापारियों को कोई नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। रिजिजू ने कहा कि देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा एकदम मजबूत है। सीमा क्षेत्र के लोगों को किसी प्रकार की चिंता की जरूरत नहीं है।
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बुधवार को गुंजी से लौटते समय कुछ देर के लिए यहां आर्मी हेलीपैड में रुके केंद्रीय गृह राज्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भारत-तिब्बत अंतरराष्ट्रीय स्थल व्यापार को और बढ़ाया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि व्यापार अवधि कम कर 15 अक्तूबर किए जाने की जानकारी उनको धारचूला आकर ही मिली। इस बारे में वाणिज्य और विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से बात कर समाधान निकाला जाएगा।
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रिजिजू ने कहा कि एक वर्ष की अवधि में सीमा क्षेत्र में सड़कों के निर्माण में तेजी आई है। पिछले साल भी उन्होंने गुंजी का दौरा किया था। तब से लेकर अब तक गर्ब्यांग से नाभीढांग के बीच सड़क का निर्माण हो गया है। कई पुल तैयार कर लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सीमांत के लोगों को संचार की सुविधा का लाभ मिले, इस पर विशेष काम किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सीमांत क्षेत्र में निजी कंपनियों की सेवाएं शुरू करना जरूरी है। तभी प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और एक ही कंपनी का एकाधिकार समाप्त होगा।
इनरलाइन को छियालेख से जौलजीबी लाए जाने के सवाल पर राज्यमंत्री ने कहा कि इनरलाइन शिफ्ट करने से पर्यटन और व्यवसाय पर क्या असर पड़ेगा, इसका अध्ययन किया जाएगा। सीमांत के लोग लंबे समय से इनरलाइन को छियालेख से दोबारा जौलजीबी लाने की मांग कर रहे हैं। 1999 में इनरलाइन जौलजीबी से छियालेख शिफ्ट कर दी गई थी। रिजिजू ने कहा कि वह जल्द ही फिर से सीमांत क्षेत्र का दौरा करेंगे और सड़क निर्माण की स्थिति का जायजा लेंगे।