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'ऑल इज नॉट वेल', सीएम का पुतला फूंका

Sun, 22 Dec 2013 09:24 AM IST
अमर उजाला, मसूरी
अमर उजाला, मसूरी Updated Sun, 22 Dec 2013 09:24 AM IST
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 congressmen burn cm effigy

प्रदेश के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भले ही अपनी कुर्सी सुरक्षित होने का दावा कर रहे हो लेकिन आल इज वेल नहीं है। मसूरी में मुख्यमंत्री और उनके पुत्र साकेत बहुगुणा के खिलाफ गुस्साए कांग्रेसियों ने मोर्चा खोल दिया है।

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शनिवार को आक्रोशित कांग्रेसियों ने पिक्चर पैलेस चौराहे पर मुख्यमंत्री बहुगुणा और साकेत का पुतला फूंका। कांग्रेसियों ने बाप-बेटे के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस की प्राथमिकता सदस्यता से भी इस्तीफा देने की बात कही।
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कांग्रेसियों में ये नाराजगी नगरपालिका परिषद में नामित सदस्यों को लेकर है। नामित सदस्यों की सूचना मिलते ही वरिष्ठ कांग्रेसजनों का गुस्सा सामने आ गया। उनका कहना है कि साकेत ने शहर के चंद नेताओं और पूंजीपतियों के इशारे पर ऐसे लोगों का मनोनयन किया, जिनका कांग्रेस और सामाजिक कार्यों से दूर तक भी सरोकार नहीं है।

पुतला फूंकने वालों में कांग्रेस सेवा दल अध्यक्ष सुनील पंवार, संदीप अग्रवाल, अरविंद, पूर्व शहर महिला अध्यक्ष भरोसी रावत, शैलेंद्र बिष्ट, सोनिया कुमार, हरभजन सिंह ठुकराल, कश्मीरी लाल, रोजी प्रसाद, उषा भोटिया, मंजूर अहमद, बीना गोदयाल, शोभा रावत, विमला भोटिया, मोहम्मद इदरीश, मोहनलाल भट्ट, शरतचंद नौटियाल, अमीर अहमद, भगवान सिंह रावत, भाग सिंह, नवीन भट्ट, ऋषिराम, संतोष बोदियाल, राजेश राव आदि शामिल थे।

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कांग्रेस सेवादल समेत लगभग तीन दर्जन लोगों ने कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की है। आक्रोशित लोगों का कहना है कि साकेत बहुगुणा होटलों में बैठकर चुनाव जीत सकते हैं तो उन्हें कार्यकर्ताओं की क्या आवश्यकता है।

डैमेज कंट्रोल हुआ फुस्स
शहर कांग्रेस अध्यक्ष सतीशचंद्र ढौडियाल और पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल डैमेज कंट्रोल में जुटे थे। लेकिन शनिवार को कांग्रेसियों का गुस्सा सड़क पर ही फूट पड़ा। दरअसल पालिका में दो-तीन चेहरों को लेकर कांग्रेसियों में भारी गुस्सा है।

बुजुर्ग कांग्रेसी राम प्रसाद कवि और हरभजन सिंह ठुकराल का कहना है कि जिस पार्टी में कार्यकर्ताओं का सम्मान नही है। वहां अपमान सहन नहीं किया जा सकता।

विंटरलाइन कार्निवाल पर भी खतरा
विंटरलाइन कार्निवाल पर भी कांग्रेसियों के गुस्से की काली छाया पड़ सकती है। भले ही विंटरलाइन कार्निवाल में सीधे तौर पर डीएम जुड़े हैं। मगर कांग्रेस के आम कार्यकर्ता का कहना है कि कांग्रेस के भीतर एक लॉबी इसका आयोजन अपने चेहते और रिश्तेदारों को खुश करने के लिए करवा रही है। इसमें आम लोगों की सहभागिता सुनिश्चित नहीं की जा रही है। इसका भंडाफोड़ किया जाएगा।

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