उत्तराखंड में कांग्रेस की हार पर पूर्व CM हरीश रावत को कार्यकर्ताओं ने सुनाई खरी-खरी
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विधानसभा चुनाव में खून पसीना बहाने वाले निष्ठावान कार्यकर्ता कांग्रेस की करारी हार से उबर नहीं पाए हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के आगमन पर कार्यकर्ताओं ने जमकर अपनी भड़ास निकाली।
रावत को खरी खोटी सुनाई, लेकिन हरीश रावत शिकायतों पर नाराज नहीं हुए, बल्कि सहज रहे। सब की शिकायतें सुनने के बाद कहा कि निश्चित ही हमारे विकास कार्य में कमी रह गई होगी। इससे हमें हार का मुंह देखना पड़ा है। रावत ने कहा संगठन में वह ताकत है जो हार को जीत में बदलने का माद्दा रखता है।
बुधवार को पुरानी सब्जी मंडी स्थित सभागार में आयोजित बैठक में कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को कांग्रेस की हार के कारण गिनाए। काशीपुर से चुनाव हारे मनोज जोशी ने कहा कि सभी कार्यकर्ताओं ने जीतोड़ मेहनत की। पूर्व ब्लॉक प्रमुख गुरुदयाल सिंह ने कहा काशीपुर में पांच साल में एक भी विकास कार्य नहीं हुआ है। यहां कार्यकर्ता कम और नेता अधिक हैं। कांग्रेस को लगातार चौथी बार हार का मुंह देखना पड़ा है। चुनाव जीतने में सक्षम को ही टिकट दिया जाए।
'पैसे वाले देहरादून जाते हैं, पद लेकर आ जाते हैं'
वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता संजय चतुर्वेदी ने कहा कि पैसे वाले देहरादून जाते हैं, पद लेकर आ जाते हैं। यही वजह है कि कार्यकर्ता वोटर नही जुटा पाए।
विमल गुड़िया ने कहा एनएसयूआई और युवक कांग्रेस की नकारात्मक भूमिका रही है। किसान कांग्रेस के सुरेश शर्मा जंगी तो रावत पर भड़क गए। उन्होंने कहा मैं 25 साल से किसान कांग्रेस में हूं, लेकिन उनको मुख्य संगठन का सम्मान नहीं मिला है। बंद हो चुकी चीनी मिल पर किसानों के 100 परिवारों के 25 करोड़ रुपये और 600 मजदूरों का वेतन बाकी है।
उस समय मांग उठाई थी कि सरकार किसानों का बकाया भुगतान कर दे, मिल बिकने पर सरकार ले ले, लेकिन आपने (रावत) नहीं सुनीं। जसपुर के विधायक आदेश चौहान ने कहा कि उन्हें कार्यकर्ताओं ने जिताया है। संगठन के बड़े नेताओं ने साथ नहीं दिया। मुख्यमंत्री चुनाव प्रचार के लिए एक दिन भी नहीं आए। जब वह जसपुर होकर गुजरे तभी हाजिरी लगाने आए। पूर्व मुख्यमंत्री ने शिकायतों और आरोप लगाने पर गुस्सा करने के बजाय शालीनता से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि वह सिस्टम से ही गन्ना भुगतान कराना चाहते थे, यहीं पर गलती हो गई।
युवक कांग्रेस और एनएसयूआई की भूमिका पर वह संगठन में बात करेंगे। चुनाव के दौरान कुछ गलतियां हुई हैं और संसाधनों के अभाव से चुनाव हारे हैं। इस मौके पर पूर्व मंत्रीतिलक राज बेहड़, पूर्व सांसद केसी सिंह बाबा, संदीप सहगल, मुक्ता सिंह, मंडी समिति के अध्यक्ष वेद प्रकाश, अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष आसिफ रजा, नारायण बिष्ट, मुकेश मेहरोत्रा, अजीज कुरैशी, अलका पाल, इकबाल अदीब, सलमान सलमानी, इरफान आदि थे।