मछली मारने को किए गए ब्लास्ट की चपेट में आकर कांग्रेसी नेता की मौत, सिर के उड़े चिथड़े
उत्तराखंड के अल्मोड़ा में भैंसियाछाना ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष 50 वर्षीय सर्वजीत सिंह मेहरा का एक हादसे में आकस्मिक निधन हो गया। बताया जा रहा है कि सर्वजीत मेहरा गधेरे में मछली मारने के लिए किए गए ब्लास्ट की चपेट में आ गए थे। ब्लास्ट के कारण उनका सिर फट गया और दोनों हाथ भी बुरी तरह से जख्मी हो गए थे। बेस अस्पताल लाने तक उनकी मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक भैंसियाछाना ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष सर्वजीत सिंह मेहरा कुछ साथियों के साथ दल बैंड के पास स्थित एक गधेरे में मछली मारने गए थे। करीब साढ़े तीन बजे वहां पर मछली मारने के लिए ब्लास्ट किया गया और सर्वजीत सिंह मेहरा इसकी चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि ब्लास्ट के कारण उनका सिर फट गया, हाथों पर गंभीर जख्म हो गए। गंभीर हालत में उनके साथी उनको बेस अस्पताल लाए, लेकिन इससे पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।
मछलियों का अवैध शिकार आम बात
उडलगांव हाल बाड़ेछीना निवासी सर्वजीत सिंह मेहरा पूर्व वन निगम उपाध्यक्ष धर्म सिंह महरा के भतीजे हैं।उधर राजस्व पुलिस उप निरीक्षक पूनम राज और एसडीएम विवेक राय के मुताबिक उनको सर्वजीत मेहरा के निधन की सूचना तो मिली है लेकिन ब्लास्ट में मौत की जानकारी नहीं है।
मछलियों का अवैध शिकार आम बात
नदियों और गधेरों में मछलियों को ब्लीचिंग पाउडर डालकर या ब्लास्ट कर मारने की घटनाएं पहाड़ों पर आम हैं। अल्मोड़ा के निकट कोसी, स्वाल, रामगंगा, गगास, गोमती, सरयू आदि नदियों के अलावा छोटे गधेरों में भी लोग अवैध तरीके से मछलियों का शिकार करते रहते हैं।
इसमें ब्लास्ट से मछली मारना काफी खतरनाक माना जाता है। लोग मछली मारने के लिए कारतूस से बाहर निकली बत्ती में आग लगाकर कारतूस को पानी में डाल देते हैं। वाटर प्रूफ बत्ती में लगी आग से कारतूस पानी के भीतर पहुंचकर फटता है जिससे मछलियां मर जाती हैं। कई बार यह कारतूस बाहर ही फट जाने से दुर्घटनाएं हो जाती हैं।