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यहां एक सीट पर BJP के कई दावेदार, कर रहे टिकट का इंतजार 

Wed, 05 Oct 2016 04:12 PM IST
विनोद कुमार सिंह/ अमर उजाला, रुड़की
विनोद कुमार सिंह/ अमर उजाला, रुड़की Updated Wed, 05 Oct 2016 04:12 PM IST
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confusion on uttarakhand assembly election ticket
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अजय भट्ट - फोटो : अमरउजाला

एक-एक विधानसभा क्षेत्र से टिकट के कई दावेदारों को देखकर भाजपा कार्यकर्ता और पदाधिकारी असमंजस में हैं कि आखिर वह किसके समर्थन में काम करें। यह बात भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में भी उठी और अधिकतर भाजपाइयों ने पार्टी प्रत्याशी के नाम घोषित करने की मांग उठाई।

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भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दौरान पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष तीरथ सिंह रावत और राष्ट्रीय संगठन मंत्री रामलाल ने एक सत्र के दौरान कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों से मिशन-2017 के लिए सुझाव मांगे थे। इस दौरान सभी ने एकसुर में विधानसभा क्षेत्रों में टिकट को लेकर चल रही खींचतान का मुद्दा उठाया।
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साथ ही इसके जल्द समाधान नहीं करने पर पार्टी को नुकसान की भी आशंका जताई। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य अनुराधा वालिया ने कहा कि एक ही विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी के रूप में पांच-छह लोग वोट मांग रहे हैं। ऐसे में आप ही बताइए हम किसके लिए काम करे। इतना ही नहीं पार्टी के स्लोगन को दरकिनार कर प्रत्याशी अपने-अपने स्लोगन दीवारों और पोस्टरों पर अंकित कर रहे हैं।
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जसपुर से आए प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य कमल चौहान ने भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। चमोली से आए विशेष आमंत्रित सदस्य राकेश कुमार डिमरी ने टिकट के लिए बढ़ती गुटबाजी पर चिंता जताई। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य टीका प्रसाद मैखुरी ने पहाड़ से हो रहे पलायन पर चिंता जताते हुए इसके लिए उद्योग स्थापित कराने पर जोर दिया।

कार्यसमिति की बैठक से अलग रहे नड्डा

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भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दूसरे दिन प्रदेश चुनाव प्रभारी और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा कार्यक्रम स्थल से अलग ही रहे। इस दौरान उन्होंने एक होटल के एक बंद कमरे में करीब एक घंटे तक हरक सिंह रावत और सुबोध उनियाल से गुफ्तगू की।

इस दौरान होटल के बाहर टिकट के दावेदार कुछ भाजपाइयों ने यह कहते हुए हंगामा कर दिया कि प्रदेश और केंद्रीय नेतृत्व बागियों को साधने में जुटा है। एक घंटे से अधिक समय इंतजार करने के बाद भी नड्डा के बाहर नहीं आने पर कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप भी भाजपाइयों ने लगाया।

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति के पहले दिन पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी के भाषण के बाद दूसरे दिन मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मीडिया से भी दूरी बनाए रहे। होटल में पहुंचे मीडिया कर्मियों के भी किसी सवाल के जवाब देने से उन्होंने इनकार कर दिया। हालांकि कार्य समिति की बैठक के दौरान पूरे समय वह होटल में हरक सिंह रावत और सुबोध उनियाल के साथ मौजूद रहे।

बागी विधायकों से मुलाकात बाहर बैठे पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को नागवार गुजरी तो इन लोगों ने बाहर हंगामा कर दिया। उधर तीनों के बीच क्या बातें हुई इसे लेकर तरह-तरह के कयास लगाए जाते रहे। हरक और सुबोध ने भी इस बारे में मीडिया को कोई जवाब नहीं दिया।

जेपी नड्डा से टिकट के संबंध में अपनी बात रखने होटल पहुंची जसपुर की भाजपा पदाधिकारी सीमा चौहान का कहना है कि दो बार से उनका नाम टिकट की पैनल सूची में रखा गया लेकिन अंत समय पर उन्हें दरकिनार कर दिया गया। इसलिए वह प्रदेश के चुनाव प्रभारी के समक्ष अपनी बात रखना चाहती है। लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई। मंगलौर से टिकट के दावेदार भाजपा नेता मनोज त्यागी ने प्रदेश चुनाव प्रभारी पर कार्यकर्ताओं की अनदेखी का आरोप लगाया। 

अब खंडूड़ी ने दी नेताओं को नसीहत

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भगत सिंह कोश्यारी - फोटो : Self

भगतदा ने कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन जहां से बात की खत्म की थी वहीं से जनरल बीसी खंडूड़ी ने अपनी बात बैठक के दूसरे दिन शुरू की। उन्होंने बगैर किसी का नाम लिए कहा कि ‘हमारी आपसी लड़ाई की वजह से आज कांग्रेस सत्ता में है। हमने गलती की है और मैं भी इसका गुनाहगार हूं।’ प्रदेश अध्यक्ष की ओर मुखातिब होकर कहा कि अध्यक्ष जी, गुटबाजी की इस बीमारी को दूर कीजिए।

भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक के दूसरे दिन खंडूड़ी ने खुलकर कहा कि पार्टी से गुटबाजी को दूर करने की जरूरत है। यदि आने वाले विधानसभा चुनाव में हरीश रावत की नेतृत्व वाली सरकार को सत्ता से बेदखल नहीं किया तो हम सभी ब्रह्महत्या से कम के दोषी नहीं होंगे। खंडूड़ी ने मंच से कहा कि चुनाव में यह मुद्दा नहीं होना चाहिए कि यह नहीं जीतना चाहिए। सीएम का चेहरा कौन होगा? कौन विधायक और सांसद होगा? यह सब भूलकर हमें अपने प्रत्याशी को जिताना होगा।

यदि मुख्यमंत्री हमारा होगा, विधायक हमारा होगा तो हम उससे अपनी नाराजगी प्रकट कर सकेंगे। लेकिन जब सत्ता में कांग्रेस होगी तो किससे अपनी बात कहेंगे। खंडूड़ी ने कहा कि एक-एक विधानसभा क्षेत्र से दस-दस लोग टिकट के दावेदार हैं। दावेदारी करनी भी चाहिए, लेकिन टिकट तो किसी एक को मिलेगा। जिसे टिकट मिलता है उसे चुनाव जिताना हमारा कर्तव्य है। खंडूड़ी ने नेताओं को सलाह दी की वह आपसी झगड़े भुलाकर पार्टी हित में काम करें। संबोधन को समाप्त करते वक्त खंडूड़ी का गला भर आया, कहा इस बार नहीं चेते तो फिर कब चेतोगे । इसके बाद उन्होंने अपनी बात समाप्त की। 

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