तिब्बत की आजादी के लिए आत्मदाह करने वाले छात्र की मौत
देहरादून के सहसपुर थाना क्षेत्र के लक्खनवाला स्थित ओल्ड एज होम में संदिग्ध हालात में झुलसे तिब्बती छात्र दोरजे थेरिंग की देर रात दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई। 29 फरवरी को लेहमन अस्पताल से रेफर होने के बाद से उसका इलाज दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में चल रहा था।
अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक 95 प्रतिशत जला होने की वजह से दोरजे को बचाया नहीं जा सका। इधर एसएसपी सदानंद दाते ने बताया कि उपचार के दौरान वह एक बार भी होश में नहीं आया इसी वजह से पुलिस उसके बयान दर्ज नहीं कर सकी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बीती 29 फरवरी को उन्होंने छात्र को ओल्ड एज होम के गेट पर सुबह नौ बजे आग की लपटों के बीच चिल्लाता हुआ देखा। वह कैसे जला, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है।
तिब्बत की आजादी के लगा रहा था नारे
इन लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि वह तिब्बत की आजादी और तिब्बत को बचाने के नारे लगा रहा था। उसे बचाने के दौरान उसकी मां के हाथ भी झुलस गए। बता दें दोरजे थेरिंग(16) पुत्र थुपटेन तिब्बती होम फाउंडेशन मसूरी में दसवीं का छात्र है। उसके माता-पिता मनाली हिमाचल प्रदेश में रहते हैं।
बताया जा रहा है कि दोरजे घटना से कुछ दिन पहले माता-पिता के साथ लक्खनवाला स्थित ओल्ड एज होम में अपने दादा थेपटन चोंप हेल से मिलने आया था। बीती 29 फरवरी को उसने खुद पर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा ली थी।
छात्र के साथ अस्पताल में मौजूद उपनिरीक्षक राजेंद्र रौतेला ने फोन पर बताया कि छात्र की हालत चिंताजनक बनी हुई है। उसे आईसीयू में रखा गया है।