फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Committee will be formed for VRS of Handicapped and disabled teachers, Every officer will adopt a school in his area

हर अधिकारी लेगा एक स्कूल गोद: दिव्यांग और अक्षम शिक्षकों के वीआरएस के लिए गठित होगी कमेटी, पढ़ें ये खास बातें

Sun, 03 Jul 2022 12:45 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 03 Jul 2022 12:45 PM IST
सार

शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि शिक्षक आचरण नियमावली का पालन करें। कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए सबसे पहले अनुशासित होना जरूरी है। मंत्री ने कहा कि स्कूलों में कम से कम 220 दिन अनिवार्य कक्षाएं चलनी चाहिए। उन्होंने राज्य की साक्षरता दर को शत-प्रतिशत करने के लिए हर शिक्षक को दो-दो लोगों को साक्षर बनाने के लिए कहा।
 

विज्ञापन
Committee will be formed for VRS of Handicapped and disabled teachers, Every officer will adopt a school in his area
धन सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने शिक्षा विभाग में दिव्यांग और अक्षम शिक्षकों को वीआरएस देने के लिए अधिकारियों को एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि विभाग का हर अधिकारी अपने क्षेत्र के एक स्कूल को गोद लेेगा।

विज्ञापन


शिक्षा मंत्री ने यह बात यहां राजावाला में विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय चिंतन शिविर के समापन के दौरान कही। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक आचरण नियमावली का पालन करें। जो पहले विभाग के सामने उचित फोरम में अपनी बात रखें। यदि इसके बाद भी समस्या का निपटारा नहीं होता तो शिक्षक शासन स्तर पर अपनी बात रख सकते हैं। कोर्ट किसी समस्या का अंतिम विकल्प हो सकता है। 
विज्ञापन


शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार के लिए सबसे पहले अनुशासित होना जरूरी है। विभाग में अनुशासन बनाने के लिए विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सेवा एवं आचरण नियमावली का पालन करना होगा। कई कार्मिक अपनी बात को उचित फोरम में रखे बिना सीधे कोर्ट पहुंच जाते हैं। जिससे विभागीय कार्यों में दिक्कत पैदा होती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

स्कूलों में कम से कम 220 दिन अनिवार्य कक्षाएं

मंत्री ने कहा कि स्कूलों में कम से कम 220 दिन अनिवार्य कक्षाएं चलनी चाहिए। उन्होंने राज्य की साक्षरता दर को शत-प्रतिशत करने के लिए हर शिक्षक को दो-दो लोगों को साक्षर बनाने के लिए कहा। मंत्री ने कहा कि राज्य में अब भी सात प्रतिशत लोग निरक्षर हैं। कार्यक्रम में विभागीय सचिव रविनाथ रमन ने कहा कि शिक्षा विभाग में पहली बार चिंतन शिविर का आयोजन किया गया, विभाग को इसका फायदा मिलेेगा। राज्य बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. गीता खन्ना ने कहा कि हर स्कूल में आरटीई की जानकारी एवं छात्र-छात्राओं के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जानी चाहिए।  शिविर में बतौर विशिष्ट अतिथि पूर्व राज्यसभा सांसद एवं इंडियन पब्लिक स्कूल के चेयरमैन आरके सिन्हा ने कहा कि इस तरह का शिविर राज्य की शिक्षा व्यवस्था में गुणात्मक सुधार के लिए मील का पत्थर साबित होगा। शिविर में मुख्य शिक्षा अधिकारियों ने अपने जिलों में किए गए नवाचारी कार्यों की जानकारी दी। 

ये भी पढ़ें...नया हेलीकॉप्टर लेगी धामी सरकार: करीब 20 साल पुराना हो चुका हेलीकॉप्टर, जानिए लीज पर ही क्यों खरीदने की तैयारी?

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed