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केदारनाथ आपदा घोटाले की जांच के लिए कमीशन गठित
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 11 Jan 2017 09:55 AM IST
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वर्ष 2013 में केदारनाथ आपदा घोटाले की जांच कराने के कैबिनेट के फैसले के मद्देनजर पंजाब हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एमएस चौहान की अध्यक्षता में कमीशन का गठन कर दिया गया है।
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इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। कमीशन अपनी रिपोर्ट अधिसूचना जारी होने के छह महीने में राज्य सरकार को सौंपेेगा। जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार इस जांच अवधि में इजाफा भी कर सकती है।
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राज्य सरकार आपदा घोटाले की जांच 15 अप्रैल 2015 को जारी उत्तराखंड राज्य सूचना आयुक्त के आदेश के आधार पर करवा रही है। यह आदेश भूपेंद्र कुमार बनाम कलेक्ट्रेट रुद्रप्रयाग के केस पर किया गया था। आदेश में जनहित से संबंधित मामलों पर कमीशन जांच करेगा। अधिसूचना में कहा गया है कि आपदा राहत और बचाव के मद्देनजर की गई खरीद के मामले की जांच की जाएगी। इसके साथ ही मरम्मत कार्यों के लिए की गई इंजीनियरिंग विभाग की खरीद की भी जांच होगी।
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जांच के दौरान देखा जाएगा कि प्रकरण में गड़बड़ी चूक से हुई या फिर कमीशनबाजी के चक्कर में। गड़बड़ी किसी अधिकारी ने की है या फिर किसी संस्था और संगठन ने, जिससेे राज्य को नुकसान हुआ है। अगर चूक और कमीशनबाजी में कोई गड़बड़ी की गई है तो इसमें उद्देश्य क्या रहा है और किसके निर्देश पर किया गया।
इसके साथ ही कमीशन यह भी सुझाव देगा कि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी, घोटाले रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएं? कमीशन को जांच के लिए कमीशन आफ इंक्वायरी एक्ट, 1952 के प्रावधानों के तहत अधिकार दिए गए हैं। कमीशन के गठन के संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने हाईकोर्ट चंडीगढ़ के मार्फत सेवा निवृत्त न्यायमूर्ति एमएस चौहान को पत्र भेज दिया है।