{"_id":"65872f69cde9b611ea0b8295","slug":"coming-back-from-lanka-to-the-beautiful-coast-they-dehradun-news-c-5-1-drn1033-313928-2023-12-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: लंका से अंगद, जामवंत के साथ लौटे हनुमान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: लंका से अंगद, जामवंत के साथ लौटे हनुमान
विज्ञापन
Iसरस्वती विहार विकास समिति की ओर से किया जा रहा रामलीला का मंचनI
महिला रामलीला मंचन में आठवें दिन हनुमान लंका से वापस सुंदर तट पर आकर जामवंत और अंगद के साथ भगवान राम के पास आ जाते हैं। वहीं रावण अपने भाई विभीषण को घर से निकाल दिया। जिसके बाद वह रामचंद्र की शरण में आते हैं।
सरस्वती विहार विकास समिति की ओर से चल रही रामलीला में शनिवार को हनुमान ने माता सीता की दी हुई चूड़ामणि को रामचंद्र को दिया और कहा कि वह उन्हें लेने जल्दी आए। हनुमान ने लंका पर चढ़ाई करने से पहले समुद्र तट पर शिवलिंग की स्थापना की और पूजा के लिए लंका पति रावण को ही ब्रह्म रूप में बुलाते हैं।
नल नील ने मिलकर समुद्र में पुल बनाया गया और लंका पर चढ़ाई की। विभीषण ने रावण को समझने को कहा तो रावण ने विभीषण को घर से निकाल दिया।
इस अवसर पर स्वामी राम हिमालयन अस्पताल के कुलाधिपति डॉ. विजय धस्माना, डॉ. रेनू धस्माना, उत्तराखंड संस्कृति विभाग निदेशक सुश्री बीना भट्ट, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, बीना असवाल, कुसुम पटवाल, सुमन बिष्ट, शोभा सुंदरियाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
महिला रामलीला मंचन में आठवें दिन हनुमान लंका से वापस सुंदर तट पर आकर जामवंत और अंगद के साथ भगवान राम के पास आ जाते हैं। वहीं रावण अपने भाई विभीषण को घर से निकाल दिया। जिसके बाद वह रामचंद्र की शरण में आते हैं।
सरस्वती विहार विकास समिति की ओर से चल रही रामलीला में शनिवार को हनुमान ने माता सीता की दी हुई चूड़ामणि को रामचंद्र को दिया और कहा कि वह उन्हें लेने जल्दी आए। हनुमान ने लंका पर चढ़ाई करने से पहले समुद्र तट पर शिवलिंग की स्थापना की और पूजा के लिए लंका पति रावण को ही ब्रह्म रूप में बुलाते हैं।
विज्ञापन
नल नील ने मिलकर समुद्र में पुल बनाया गया और लंका पर चढ़ाई की। विभीषण ने रावण को समझने को कहा तो रावण ने विभीषण को घर से निकाल दिया।
इस अवसर पर स्वामी राम हिमालयन अस्पताल के कुलाधिपति डॉ. विजय धस्माना, डॉ. रेनू धस्माना, उत्तराखंड संस्कृति विभाग निदेशक सुश्री बीना भट्ट, भाजपा महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल, बीना असवाल, कुसुम पटवाल, सुमन बिष्ट, शोभा सुंदरियाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन