उत्तराखंड: आठ महीने बाद खुले कॉलेज, पहले दिन 15 से 20 फीसदी छात्र ही पहुंचे
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उत्तराखंड में मंगलवार को करीब आठ महीने बाद महाविद्यालय खुल गए। पहले दिन छात्र-छात्राओं की उपस्थिति औसतन 15 से 20 फीसदी रही। इस बीच कुछ महाविद्यालय नहीं खुल पाए। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ.कुमकुम रौतेला ने बताया कि पहले दिन महाविद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति कम रही। महाविद्यालयों में कितने फीसदी छात्र पहुंच रहे है, एक सप्ताह बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
राजकीय पीजी कॉलेज डोईवाला में पहले दिन मात्र 25 फीसदी छात्र पहुंचे। महाविद्यालय में प्रवेश से पूर्व छात्रों से अभिभावकों का सहमति पत्र लिया गया। जिसमें अभिभावकों की ओर से स्पष्ट किया गया कि वह अपने बच्चों को महाविद्यालय में प्रयोगात्मक कक्षाओं के पठन-पाठन के लिए भेजने की सहमति देते हैं।
पत्र में बच्चों में कोविड-19 के कोई लक्षण नहीं होने और खांसी, जुकाम, बुखार होने पर महाविद्यालय नहीं भेजेंगे और प्राथमिक उपचार कराते हुए महाविद्यालय के नोडल अधिकारी को सूचित करने की बात भी शामिल रही।
पत्र में यह भी साफ किया गया कि अभिभावक बच्चों को नियमित रूप से मास्क पहनने, सैनिटाइजर का प्रयोग करने एवं सामाजिक दूरी बनाए रखने के बारे में भी बताएंगे। इसके अलावा राजकीय पीजी कॉलेज कर्णप्रयाग में बीएससी प्रथम वर्ष में 250 में से मात्र 12 छात्र पहुंचे।
15 से 20 फीसदी छात्र ही पहुंचे
देहरादून के महाविद्यालयों डीएवी पीजी कॉलेज, एमकेपी कॉलेज, एसजीआरआर कॉलेज में भी छात्र-छात्राओं की संख्या काफी कम रही। इन महाविद्यालयों में मुश्किल से 15 से 20 फीसदी छात्र ही पहुंचे।
नहीं खुले कई महाविद्यालय
राजकीय पीजी कॉलेज ऋषिकेश और राजकीय पीजी कॉलेज कोटद्वार पहले दिन नहीं खुले। ऋषिकेश महाविद्यालय की प्राचार्य सुधा भारद्वाज के मुताबिक महाविद्यालय खोले जाने से पहले स्टाफ की बैठक कर छात्र-छात्राओं के बैच बनाए जाने को कहा गया है।
वहीं कहा गया है कि महाविद्यालय आने वाले छात्र अभिभावकों की सहमति लेकर आएं। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय 17 दिसंबर से खुलेगा। उधर राजकीय पीजी कॉलेज कोटद्वार भी मंगलवार को नहीं खुला। कॉलेज की प्राचार्य जानकी पंवार ने कहा कि कॉलेज में कुछ बच्चे आए थे, जो जानकारी लेकर चले गए।