स्टिंग को लेकर हाईकोर्ट के फैसले के बाद बोले सीएम त्रिवेंद्र, नीयत ठीक हो तो स्टिंग में बुराई नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुक्रवार को स्टिंग को लेकर हाईकोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि नीयत ठीक हो तो स्टिंग ऑपरेशन में कोई बुराई नहीं हैं। स्टिंग करने वाले का मकसद साफ होना चाहिए।
दुर्भावना अथवा ब्लैकमेलिंग के इरादे से होने वाला स्टिंग किसी भी नजर से न्यायोचित नहीं है। आपको बता दें कि हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा कि प्रदेश से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए ऐसे स्टिंग की जरूरत है। राजनेताओं और भ्रष्ट अधिकारियों को बेनकाब करने के लिए ये सही कदम है।
सीएम रावत ने शुक्रवार को स्टिंग ऑपरेशन को लेकर मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल पर बेबाकी से जवाब दिया। सीएम से पूछा गया था कि राज्य में अधिकारियों के भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने को स्टिंग कितना जरूरी हैं।
सीएम रावत ने कहा कि स्टिंग ऑपरेशन में कोई बुराई नहीं है। आपकी नीयत क्या है ? यह बड़ा सवाल हैं। आप स्टिंग क्यों करना चाहते हैं, यह मकसद साफ होना चाहिए। सीएम ने कहा कि उनका मानना है कि किसी भी कार्य को करने से पहले उसमें निहित भावना पर ध्यान देेने की जरूरत है।
साफ नीयत से भ्रष्ट अधिकारियों के चेहरे बेनकाब किए जाने चाहिए। हालांकि उन्होंने किसी विशेष स्टिंग को लेकर कुछ भी बोलने से परहेज किया। यहां बता दें कि इस समय सीएम रावत और अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश सिंह के स्टिंग के प्रयास का मामला गरमाया हुआ है।
स्टिंग करने में विफल रहे अपने कर्मचारी आयुष गौड़ को धमकाने के मामले में निजी चैनल का सीईओ उमेश कुमार शर्मा जेल में बंद है।