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कांग्रेस संगठन की इस 'आग' में झुलस न जाएं CM रावत

Wed, 03 Aug 2016 10:22 AM IST
सुधाकर भट्ट/अमर उजाला, हल्द्वानी
सुधाकर भट्ट/अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Wed, 03 Aug 2016 10:22 AM IST
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Cm rawat may be effected by congress compaign.
किशोर उपाध्याय (पगड़ी में) - फोटो : AmarUjala

कांग्रेस संगठन अब एक ऐसे अभियान को छेड़ने की तैयारी में है, जिसकी जद में मुख्यमंत्री हरीश रावत और उनके मंत्री भी आ सकते हैं। राजनीति में सफाई का अभियान अब कांग्रेस के लिए नया मूल मंत्र है। संगठन ने एंटी करप्शन विभाग का गठन भी कर दिया है। बिना किसी हो हल्ले के इस नवगठित विभाग की कमान नैनीताल के पूर्व सांसद डॉ. महेंद्र पाल सिंह को सौंप दी गई है। प्रदेश अध्यक्ष की इस शांत पहल के दूरगामी राजनीतिक परिणाम हो सकते हैं।

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नैनीताल से दो बार सांसद रह चुके डा. महेंद्र पाल के भी मुख्यमंत्री हरीश रावत से रिश्ते बेहतर नहीं है। ऐसे में कांग्रेस का यह एंटी करप्शन विभाग गढ़े मुर्दे उखाड़ने का काम भी कर सकता है। ऐसा हुआ तो मुख्यमंत्री हरीश रावत के स्टिंग ऑपरेशन से लेकर रावत सरकार के मंत्रियों के कारनामे भी संगठन के रडार पर होंगे। अभी तक प्रदेश का कांग्रेस संगठन इन मामलों पर चुप्पी साधता आया है।

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हरीश रावत के विरोधी को एंटी करप्शन विभाग की कमान

Cm rawat may be effected by congress compaign.
हरीश रावत - फोटो : AmarUjala

इसके साथ ही प्रदेश कांग्रेस राजनीतिक शुचिता का अभियान भी छेड़ने जा रही है। संगठन के मुताबिक इस अभियान का मतलब है कि राजनीति में कोई दुराव-छुपाव सहन न करना। इस समय कांग्रेस पार्टी की मुख्यमंत्री हरीश रावत से सबसे बड़ी शिकायत ही यह है कि सरकार कोई भी फैसला करने से पहले संगठन को विश्वास में नहीं ले रही है।

मंत्रियों को लेकर शिकायत तो कांग्र्रेस के खुले मंच पर उठती ही रही है। अब शिकायत मुख्यमंत्री हरीश रावत को लेकर है। संगठन के नेताओं के मुताबिक मुख्यमंत्री हरीश रावत ने पीडीएफ कोटे से मंत्री बनाए गए दिनेश धनै और यूकेडी के प्रीतम पंवार को और मंत्रालय बांट दिये और संगठन के नेताओं को इसकी भनक तक नहीं लगी। यही नहीं नव प्रभात को पूर्व में औद्योगिक विकास निगम का अध्यक्ष बनाया गया तो भी नव प्रभात को इसकी भनक नहीं थी।

कांग्रेस के नेता के मुताबिक पहले हरीश रावत छोटी से छोटी बात के लिए सबकी राय लेते थे। अब बड़े से बड़ा फैसला करने में किसी को पूछ ही नहीं रहे हैं। कांग्रेस संगठन की राजनीतिक शुचिता की मुहिम को इस शिकायत से जोड़ कर देखा जाए तो यह खुलकर सामने आ रहा है कि राजनीतिक शुचिता का अभियान जा कहां रहा है।

...तो राज्यसभा का हिसाब चुकता कर रहे किशोर उपाध्याय

Cm rawat may be effected by congress compaign.
किशोर उपाध्याय - फोटो : file photo
इस समय कांग्रेस संगठन के नेता विधानसभा सीटों की टोह भी ले रहे हैं। तीन-तीन कार्यकर्ताओं की यह टीम विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस सरकार की छवि, सरकार के काम का असर, कांग्रेस नेताओं की स्थिति आदि पर रिपोर्ट तैयार कर रही है। सितंबर अंत तक यह रिपोर्ट पीसीसी को सौंपे जानी है। चुनाव से पहले टिकट बंटवारे में यह रिपोर्ट भी विस्फोटक साबित हो सकती है।

संगठन के इस कदम को मुख्यमंत्री हरीश रावत और प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के बीच बढ़ रही दूरी का सबब माना जा रहा है। राज्य सभा के लिए अपनी दावेदारी के खारिज होने से किशोर पहले ही आहत थे। इसके बाद पीडीएफ के दो मंत्रियों का कद बढ़ाने से किशोर की नाराजगी में और इजाफा हो गया है।
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