'फ्लाईओवर से गुजरते मेरी भी गर्दन दुखती है'
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देहरादून के बल्लूपुर, बल्लीवाला चौक पर निर्माणाधीन फ्लाईओवर की धीमी चाल से आम जनता ही त्रस्त नहीं, यहां से गुजरते हुए प्रदेश के मुखिया की गर्दन भी दुखती है।
इस बात का खुलासा उन्होंने मंगलवार को इंदिरा नगर कॉलोनी स्थित एमडीडीए पार्क में जन जागरण शिविर एवं पात्र लाभार्थियों को आर्थिक सहायता के चेक, टूल किट वितरण कार्यक्रम में किया। बोले-मुझे इस हालत में (चोटिल गर्दन के साथ) दो बार फ्लाईओवर साइट से गुजरना पड़ा है।
लोगों की तकलीफ का अंदाजा है, लेकिन कांट्रेक्ट की शर्तों से मजबूर हैं। सेलेक्शन में गलती हो ही चुकी है। अगर 15 दिन में फ्लाईओवर पर काम शुरू नहीं होता तो यह काम पीडब्लूडी से कराएंगे।
उन्होंने निर्माण एजेंसियों के प्रति भी ‘पाली लोगों से पाला पड़ गया है’, शब्द प्रयोग कर नाराजगी जताई। यह मामला तब उठा, जब विधायक हरबंस कपूर कार्यक्रम में क्षेत्र विधायक के नाते समस्याओं की सूची भी साथ लेते आए।
उन्होंने बल्लूपुर, बल्लीवाला फ्लाईओवर का जिक्र करते हुए इसकी धीमी गति से बेहद नाराजगी जताई। कहा कि 5 करोड़ के काम के कंपनी 23 करोड़ ले चुकी है। और मांग रही है। इसकी समीक्षा कराई जाए। यह फ्लाईओवर बनना है तो बने, वरना काम बंद कर दिया जाए।
उन्होंने भाषण खत्म करते सीएम को मंच से ही फ्लाईओवर, फ्लाईओवर की आवाज लगा इस मांग की खास तौर पर याद भी दिलाई। सीएम ने विधायक की उठाईं अन्य दिक्कतों पर भी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
कपूर ने मुझे नहीं सिखाया जीतने का गुर...
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विधायक हरबंस कपूर की मांग को आज्ञा करार देते हुए कहा कि ऐसा कैसे हो सकता है कि कपूर साहब आज्ञा करें और काम न हो? मुख्यमंत्री ने कपूर को पहले अजातशत्रु और बाद में द्रोणाचार्य की भी संज्ञा दी।
कहा कि मैंने उनसे (कपूर से) अपने शिष्यों को भी जीतने का मंत्र सिखाने की गुजारिश की, मगर उन्होंने नहीं सिखाया। खुशी तो इस बात की है तो उन्होंने भाजपाइयों को भी यह मंत्र नहीं सिखाया।
विधायक ने गिनाईं थीं यह दिक्कतें
- कैंट क्षेत्र में सीवर लाइन के चलते सड़क क्षतिग्रस्त। 15 किलोमीटर की सड़क का निर्माण हो
- पांच मिनी ट्रांसफार्मर, पांच ट्यूबवेल और 10 मिनी ट्यूबवेल बनाए जाएं
- मलिन बस्तियों में सीवर के लिए विशेष कार्ययोजना बनाई जाए
- बिंदाल बस्ती से लालपुल तक नदी किनारे आरसीसी की मजबूत दीवार बने
- पंडितवाड़ी क्षेत्र में जल भराव की समस्या दूर हो, इसके लिए आईएमए के अफसरों से बात हो
- महिला कामगारों के लिए प्रसूति अवधि के लिए कोई व्यवस्था