उत्तराखंड में बादल फटने से तबाही, पुल-पेयजल लाइन और सैंकड़ों पेड़ बहे
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उत्तराखंड में पौड़ी गढ़वाल के गांव धरियालसार के पास बादल फटने से तबाही हो गई। पानी के सैलाब से तीन किलोमीटर का क्षेत्र खाई बन गया। प्राकृतिक आपदा में पैदल पुलिया, पेयजल लाइन और सैंकड़ों पेड़ बह गए।
बाढ़ की चपेट में आने से राष्ट्रीय राजमार्ग बाल-बाल बचा।
शनिवार रात करीब आठ बजे विधानसभा यमकेश्वर के ग्राम पंचायत जमरगड्डी के राजस्व ग्राम धरियालसार के निकट नाले में बादल फटने से बरसाती नाला करीब तीन किमी तक गहरी खाई में बदल गया। पानी का प्रवाह इतना तेज था कि इसके रास्ते में आने वाले पेड़, पुल और उपजाऊ भूमि सब नष्ट हो गए।
नेगणा के क्षतिग्रस्त पुल के समीप नाले के दो हिस्सों में बंटने के कारण राष्ट्रीय राजमार्ग पर बनी पुलिया क्षतिग्रस्त होने से बच गई। नेगणा के वीरेंद्र सिंह, राहुल चौहान, बलवंत सिंह व दीपक चौहान ने बताया कि नाले में तीव्र प्रवाह से बारिश का पानी बहने से नेगणी की पेयजल योजना ध्वस्त हो गई।
मल्ली जमरगड्डी के गुणिया स्रोत स्थित पैदल पुल और धरियालसार के निकट पैदल पुल बह गया। इसके कारण क्षेत्रीय जनता और स्कूली छात्र-छात्राओं को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ेगी। उन्होंने प्रशासन से आपदा प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध तथा पैदल रास्ते व पुल के पुनर्निर्माण की मांग की है।
उधर, राजस्व उपनिरीक्षक राजेश राणा ने बताया कि उन्होंने आपदा से प्रभावित धरियालसार और नेगणा गांव का दौरा किया। जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। केवल दो पुल, पैदल रास्ते तथा कुछ गोशालाओं में दरार पड़ी है। ग्राम प्रधान को क्षेत्र में आपदा से हुए नुकसान की रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए गए हैं।