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शहीदों को याद करने आए, गैरसैंण पर लड़ पड़े
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 03 Oct 2015 01:46 PM IST
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मुजफ्फरनगर कांड के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए शहीद स्मारक पर एकत्रित हुए आंदोलनकारी राजधानी के मुद्दे पर भिड़ गए। कोई गैरसैंण तो कोई दून में राजधानी की मांग करने लगा। अपनी लड़ाई में आंदोलनकारी दिन और मौके की नजाकत भूल गए।
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शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान उत्तराखंड महिला मंच की महिलाओं ने कहा उत्तराखंड पहाड़ी राज्य है इसलिए राजधानी गैरसैंण होनी चाहिए। यह सुनने के बाद राज्य निर्माण चिह्नित राज्य आंदोलनकारी मंच के आंदोलनकारी भड़क गए। दोनों संगठनों में तीखी नोक झोंक शुरू हो गई।
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गैरसैंण के लिए नहीं लड़ी लड़ाई
राज्य निर्माण चिह्नित राज्य आंदोलनकारी मंच की वीरा भंडारी ने कहा कि हमने राज्य निर्माण के लिए लड़ाई लड़ी थी न कि गैरसैंण राजधानी के लिए। उन्होंने कहा दून राजधानी के लिए अरबों रुपये खर्च हो चुके हैं और अब गैरसैंण राजधानी बनाने पर केवल राज्य का नुकसान है।
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राजधानी दून होने का विरोध कर रही महिला मंच की सावित्री देवी ने कहा कि पहाड़ की राजधानी पहाड़ में होनी चाहिए। आंदोलनकारियों में काफी देर तक तू-तू, मैं-मैं होती रही। हंगामा इतना अधिक होने लगा कि पुलिस को मामला शांत कराना पड़ा। हंगामा करने वालों में रतन लाल, नर्बदा देवी, कांता मैठाणी, सोना देवी, कमलेश्वर, सूरबीर सिंह, लक्ष्मण सिंह भंडारी आदि थे।