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उत्तराखंड में अब मंत्री की कुर्सी पर छिड़ेगी जंग

Thu, 16 Apr 2015 08:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 16 Apr 2015 08:13 AM IST
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claimant for minister post in uttarakhand.

हरीश रावत सरकार ने भगवानपुर की जीत के बाद पूर्ण बहुमत पा लिया है। अब मुख्यमंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती सुरेंद्र राकेश के निधन से खाली हुई मंत्रिमंडल की जगह को भरना है। मंत्री पद पाने के लिए आधा दर्जन वरिष्ठ विधायक लंबे समय से ताल ठोंक रहे हैं।

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वहीं ममता राकेश की रिकॉर्ड जीत के बाद एक खेमा उन्हें ही मंत्री बनाने के लिए पैरवी में उतरा है। तर्क दिया जा रहा है कि मंत्रिमंडल में कोई दलित महिला नहीं है।
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पूर्ण बहुमत पाने के बाद मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया है कि पीडीएफ को साथ लेकर ही चलते रहेंगे। ऐसे में पीडीएफ मंत्रियों को हटाने या कम करने की मांग करने वालों की निगाह एक मात्र खाली सीट पर है। मंत्री बनने के लिए जितने मुंह उतने तर्क हैं। बहुगुणा खेमे से सुबोध उनियाल का नाम लंबे समय से चलाया जा रहा है लेकिन नवप्रभात का मंत्री रहने का तजुर्बा समीकरण बिगाड़ रहा है।
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हीरा सिंह बिष्ट अनुभव की दुहाई देकर उम्मीदवार हैं। शैलेंद्र मोहन सिंघल कुमाऊं को कुछ नहीं मिलने की बात पर डटे हैं। इस पर गढ़वाल के उम्मीदवारों का तर्क है कि मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, वित्त मंत्री और राजस्व मंत्री वहीं से हैं।

मदन विष्ट और राजेंद्र भंडारी वरिष्ठता के आधार पर दावेदारों में शामिल हैं। एक समय मजबूत दावेदार मयूख महर मैदान में तो हैं लेकिन अपना राजनीतिक सीआर खराब कर लिया है।

ममता के बहाने बसपा खेमे में सेंध लगाने का मौका

claimant for minister post in uttarakhand.

मुख्यमंत्री के लिए मंत्री का चयन मुश्किलों और राजनीतिक दबाव भरा होगा लिहाजा गेंद केंद्रीय नेतृत्व के पाले में डालेंगे। बावजूद हाल के फैसलों के मुताबिक चलनी हरीश रावत की ही है। एक साल में न सिर्फ सरकार मजबूत हुई है बल्कि गुटों का समीकरण भी बदला है।

रावत के धुर विरोधी विधायक भी साथ दिखने लगे हैं। ममता राकेश की पैरवी करने वाले ये तर्क भी रख रहे हैं कि 2017 में बसपा भगवानपुर से अपना उम्मीदवार जरूर उतारेगी ऐसे में वहां कांग्रेस को मजबूत बनाए रखने के लिए विशेष महत्व देना होगा। जबकि पार्टी कुछ नेता महिला के नाम पर शैलारानी रावत और सरिता आर्य को मंत्री बनाने की बात कह रहे हैं।

ये हैं मंत्री पद के दावेदार
फुरकान अहमद (कांग्रेस के इकलौते मुस्लिम विधायक)
सुबोध उनियाल (बहुगुणा खेमे से लंबे समय से चलाया जा रहा नाम)
हीरा सिंह बिष्ट, अनुभव और वरिष्ठता है आधार
नव प्रभात, अनुभव और वरिष्ठता है आधार
शैलारानी रावत और सरिता आर्य (महिलाओं की संख्या बढ़ाने का तर्क)
शैलेंद्र मोहन सिंघल, कुमाऊं कोटे से दावेदारी

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