फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Citizenship Amendment Act protest in haldwani and dehradun

उत्तराखंड में भी नागरिकता कानून का विरोध, देहरादून और हल्द्वानी में हो रहे धरने-प्रदर्शन

Thu, 19 Dec 2019 02:36 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Thu, 19 Dec 2019 02:36 PM IST
विज्ञापन
Citizenship Amendment Act protest in haldwani and dehradun
धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी - फोटो : अमर उजाला
उत्तराखंड में नागरिकता संशोधन कानून काे लेकर गुरुवार को राजधानी देहरादून और हल्द्वानी में धरना-प्रदर्शन हुआ। आज देहरादून के गांधी पार्क में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में माकपा, भाकपा, भाकपा (माले), सपा, बसपा व अन्य दलों ने नारेबाजी की और अपना गुस्सा जाहिर किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई।
विज्ञापन


वहीं हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ( माले ) द्वारा इस कानून के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया गया। जिसमें भारत सरकार द्वारा नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी कानून लागू करने को देश बांटने की राजनीति कहा गया। वक्ताओं ने कहा कि इस कानून से देश में हिंदू मुस्लिम समुदाय को बांटने की कोशिश की गई है। यह देश हित में उचित नहीं है।
विज्ञापन


 

21 दिसंबर को सभी धर्मगुरुओं के द्वारा विशाल जुलूस निकाला जाएगा

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जामिया में इस बिल का विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा क्रूरता के साथ लाठीचार्ज किया गया। जिसमें कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। क्या भारत सरकार देश में तानाशाही लाना चाहती है? सीएए और एनसीआर कानून लागू करके देश की जनता को जाति और धर्म के नाम पर बांटना चाहती है?

कहा कि देश की जनता इस बिल को कभी भी स्वीकार नहीं करेगी। क्योंकि यह बिल देश की जनता के लिए जनहित नहीं बल्कि जाति धर्म के नाम पर बांटने के लिए बनाया गया है। भारत सरकार पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए लोगों को नागरिकता दे रही है, लेकिन वहीं दूसरी ओर भारत में रहने वाले करोड़ों लोगों से उनकी नागरिकता के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं।

किसी भी कीमत पर भारत की जनता यह कानून स्वीकार नहीं करेगी। कहा कि 21 दिसंबर को सभी धर्मगुरुओं के द्वारा विशाल जुलूस निकाला जाएगा। जिसमें इस नए कानून का विरोध आम जनता के साथ किया जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed