पर्यावरण संरक्षण के लिए सीआईएसएफ की पहल, 30 सदस्यीय दल नौ दिवसीय हिमालयी अभियान पर रवाना
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल ने अपनी स्थापना के पचास साल पूरे होने पर हिमालय और पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष जनजागरण अभियान शुरू करते हुए 30 सदस्यीय एक दल हिमालय क्षेत्रों के लिए रवाना किया है। यह दल नौ दिन तक पर्यटकों और स्थानीय लोगों को हिमालय रक्षा के लिए ठोस अपशिष्टों को निपटाने के लिए प्रेरित करेेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरुक भी करेगा।
बुधवार को सीआईएसएफ के महानिदेशक राजेश रंजन ने सीआईएसएफ के जवानों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि 50 साल पहले सीआईएसएफ की शुरुआत महज 3129 की संख्या के रूप में हुई थी। आज सीआईएसएफ करीब डेढ़ लाख संख्या के साथ देश के 61 हवाईअड्डों व 345 महत्वपूर्ण संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा कर रहा है।
उन्होंने बताया कि स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में हिमालय अभियान की शुरुआत की है। हरिद्वार से रवाना की गई सीआईएसएफ के महिला और पुरुष जवानों की टीम नौ दिन तक टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी आदि जिलों के दुर्गम व सुदूरवर्ती इलाकों से होते हुए एक नवंबर को वापस हरिद्वार पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि हिमालय क्षेत्र में पर्यटकों के छोड़े गए अपशिष्ट पदार्थ जमा हो रहे हैं।
यह टीम ठोस अपशिष्ट व कचरे को एकत्र कर पर्यटकों व स्थानीय लोगों को जागरुक करेगी। हरिद्वार में गंगा स्वच्छता अभियान के साथ वीआईपी घाट पर यात्रा का समापन होगा। सीआईएसएफ एनसीआर खंड से आए आईजी सुधीर अग्रवाल और नॉर्थ जोन के आईजी श्रीवेणु गोपाल ने भी सीआईएसएफ की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
डीएम दीपक रावत ने हिमालय को मावन जीवन का प्रमुख हितैषी बताया। भेल हीप के महाप्रबंधक प्रभारी संजय गुलाटी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त किए। सीएफएफपी के महाप्रबंधक जेपी सिंह, एसएसपी रिधिम अग्रवाल, सीआईएसएफ हरिद्वार के कमांडेंट टीएस रावत, डिप्टी कमांडेंट सुहेल रफत, असिस्टेंट कमांडेंट पीके सिन्हा, विजीलेंस के एसएसपी सैंथिल अबुदई, भेल के नगर प्रशासक संजय पंवार आदि मौजूद रहे।