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भारत से निर्यात होने वाले गुड़-मिश्री पर चीनी कस्टम की रोक, रास्ते पर पड़ा एक करोड़ का सामान

Fri, 06 Sep 2019 08:19 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धारचूला (पिथौरागढ़) Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 06 Sep 2019 08:19 AM IST
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Chinese custom banned on jaggery and sugar exports from India
भारत और चीन - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

चीन के कस्टम विभाग ने भारत से निर्यात होने वाले गुड़ और मिश्री पर रोक लगा दी है। तकलाकोट मंडी ले जाने के लिए अनुमति नहीं मिलने से लगभग एक करोड़ का सामान रास्ते में पड़ा है। इससे भारतीय व्यापारी परेशान हैं। उन्होंने  चीन के कस्टम अधिकारी को पत्र लिखकर सामान को मंडी तक ले जाने की अनुमति देने की मांग की है। 

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कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग के साथ लीपूलेख दर्रे से हर साल भारत-चीन व्यापार भी होता है। चीन की तकलाकोट मंडी में दोनों देशों के बीच चार माह तक व्यापार होता है। इसमें भारत की ओर से गुड़, मिश्री, रेडीमेड कपड़े और तंबाकू को निर्यात किया जाता है, जबकि वहां से ऊन और ऊनी कपड़ों का आयात होता है। तिब्बत में गुड़-मिश्री की सबसे अधिक मांग रहती है। 
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अनुमति नहीं मिलने से व्यापारी परेशान

बताया जा रहा है कि इस साल चीनी कस्टम विभाग ने भारत से निर्यात किए जाने वाले गुड़ और मिश्री को मंडी ले जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। इस कारण करीब एक करोड़ रुपये का सामान भारत-चीन सीमा पर पड़ा है। इस सामान को मंडी तक ले जाने की अनुमति नहीं मिलने से व्यापारी परेशान हैं।

भारत चीन व्यापार समिति के महासचिव दौलत सिंह आदि व्यापारियों ने चीन के कस्टम अधिकारी को पत्र लिखकर दोनों देशों में पूर्व में हुए करार के अनुरूप सामान को मंडी तक ले जाने की अनुमति देने की मांग की है। साथ ही भारतीय कस्टम विभाग से भी अपने स्तर से चीनी कस्टम अधिकारियों से बातचीत करने की गुहार लगाई है। 

खच्चरों पर लादकर पहुंचाया जाता है सामान

भारत-चीन व्यापार के लिए चीन की तकलाकोट मंडी जाने वाले व्यापारी सामान को खच्चरों की पीठ पर लादकर लीपूलेख तक पहुंचाते हैं। लगभग एक सौ किलोमीटर लंबे मार्ग पर इस सामान को मंडी तक पहुंचाने में तमाम दुश्वारियों का सामना करना पड़ता है। गुड़ और मिश्री को मंडी तक ले जाने की अनुमति नहीं मिली तो व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। 

अभी लिखित में सूचना नहीं मिली है। यदि इस तरह का मामला है इससे उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा। इसमें वाणिज्य मंत्रालय अपने स्तर से वार्ता करेगा।
- रजत तिवारी, कस्टम अधीक्षक धारचूला (पिथौरागढ़) 

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