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Uttarakhand: सरकारी स्कूलों में राज्य आंदोलन का इतिहास भी पढ़ेंगे बच्चे, विरासत नाम से की जा रही पुस्तक तैयार

Sun, 30 Jul 2023 02:56 PM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 30 Jul 2023 02:56 PM IST
सार

माध्यमिक स्तर पर छात्र राज्य के इतिहास, भूगोल, रीति रिवाज, प्रमुख त्योहार, मेले, उत्सव, राज्य आंदोलन के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में राज्य के लोगों की भूमिका और राज्य के प्रसिद्ध लोगों के बारे में पढ़ेंगे। इसके लिए पुस्तक तैयार की जा रही है।

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Children will also read history of the Uttarakhand state movement in government schools
सरकारी स्कूलों में राज्य आंदोलन का इतिहास पढ़ाया जाएगा - फोटो : Social Media

विस्तार

प्रदेश के सरकारी स्कूलों के छात्र अब न सिर्फ राज्य आंदोलन का इतिहास बल्कि राज्य के प्रमुख त्योहार, मेले और उत्सवों के बारे में भी पढ़ेंगे। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत के निर्देश पर विभाग की ओर से विरासत नाम से पुस्तक तैयार की जा रही है। इसके लिए राज्य के सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों से जानकारी मांगी गई है।

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शिक्षा मंत्री के मुताबिक छात्र-छात्राओं को स्थानीय बोली, भाषा की जानकारी के लिए प्राथमिक स्तर पर उन्हें गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी में पढ़ाया जा रहा है। एससीईआरटी की ओर से कक्षा से तीन तक के बच्चों के लिए पुस्तकें तैयार की गई हैं। जबकि माध्यमिक स्तर पर छात्र राज्य के इतिहास, भूगोल, रीति रिवाज, प्रमुख त्योहार, मेले, उत्सव, राज्य आंदोलन के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में राज्य के लोगों की भूमिका और राज्य के प्रसिद्ध लोगों के बारे में पढ़ेंगे। इसके लिए पुस्तक तैयार की जा रही है। राज्य के सभी डायट इस संबंध में ड्राफ्ट तैयार कर एससीईआरटी को देंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा इस पुस्तक को स्कूलों में कक्षा पांचवीं से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को पढ़ाया जाएगा।

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राज्य के 141 पीएमश्री स्कूलों को मिली पहली किश्त

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय शिक्षा समागम में एनईपी की तीसरी वर्षगांठ पर पीएमश्री योजना के तहत देश भर के 6207 स्कूलों के लिए 630 करोड़ रुपये जारी किए। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह के मुताबिक उत्तराखंड में 141 स्कूलों को पहली किश्त मिली है।

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इस साल 2100 और स्कूल बाल वाटिका के रूप में चलेंगे

शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह के मुताबिक बेसिक शिक्षा में राज्य ने देश में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू किया था। राज्य के 4672 स्कूलों में बाल वाटिकाएं चल रही हैं। जबकि इस साल 2100 अन्य स्कूल बाल वाटिका के रूप में चलेंगे। इसके अलावा 331 माध्यमिक विद्यालयों में व्यवसायिक पाठ्यक्रम शुरू किया जाएगा।
 

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