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टैंक में डूबने से तीन साल के मासूम की मौत
मनीष चंद्र भट्ट/अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 25 Mar 2014 09:59 PM IST
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राजधानी देहरादून में निर्माणाधीन बिल्डिंग के बाहर खुले टैंक में डूबने से तीन साल के बच्चे की मौत हो गई। बताया जाता है कि मां बच्चे को खेलता छोड़कर दूध लेने गई थी, वापस लौटी तब तक बेटा टैंक में डूब चुका था। उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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मजदूरी करता है पिता
उत्तरप्रदेश के बागपत निवासी उदयवीर (39) पांच महीने से जीएमएस रोड स्थित निर्माणाधीन एमएम टावर के बेसमेंट में परिवार संग रह रहे थे। उदयवीर दिन में मजदूरी के बाद रात को बिल्डिंग में चौकीदारी करते थे। मंगलवार को वह बल्लूपुर के समीप मजदूरी करने गए थे।
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दोपहर करीब दो बजे उदयवीर की पत्नी रीता बेटे अक्ष (3) और दीपक (2) को टावर के अहाते में रोटी खिला रही थी। अक्ष ने रोटी नहीं खाई तो मां छोटे बेटे को लेकर उसके लिए दूध लेने बेसमेंट में आ गई।
पांच फीट गहरा था टैंक
मां बोतल में दूध लेकर लौटी तो अक्ष वहां नहीं था। रीता ने चिल्लाना शुरू किया तो आसपास के लोग जमा हो गए। पता लगा कि अक्ष वहां बने करीब पांच फीट गहरे अंडर ग्राउंड पानी के टैंक में गिर गया है।
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इसी बीच किसी ने घटना की सूचना 100 नंबर पर दी। वसंत विहार पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंची। एसओ वसंत विहार प्रदीप चौहान समेत तीन पुलिसकर्मी टैंक में उतरे।
डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
पुलिस ने अक्ष को टैंक से निकालकर 108 एंबुलेंस से दून अस्पताल भिजवाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल में मौजूद उदयवीर और रीता सदमे की हालत में थे।
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सुबकते हुए पिता ने बताया कि अक्ष अभी ठीक तरीके से चल भी नहीं पाता था। संभवत: टैंक में जा रहे रबर के पाइप को देखकर घिसटते हुए वहां तक पहुंचा।
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एसओ वसंत विहार प्रदीप चौहान ने बताया कि टावर मालिक और ठेकेदार का पता लगाया जा रहा है। यह भी मालूम किया जा रहा है कि इसमें किसी लापरवाही है।
बच सकती थी जान
बच्चे के टैंक में गिरने पर रीता देवी के चिल्लाने के बावजूद किसी ने पांच फीट गहरे टैंक में उतरने की हिम्मत नहीं जुटाई। वहां जमा हुए लोग तमाशबीन बने रहे। अगर तत्काल कोई टैंक में उतरकर बच्चे को निकाल लेता तो उसकी जान बच सकती थी।