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...तो मुख्यमंत्री खुद करवाएंगे देहरादून की सफाई
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 05 Feb 2014 10:23 AM IST
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शासन-प्रशासन को राजधानी को संवारने के लिए 48 घंटे का समय दिया है।
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सचिवालय में हुई बैठक में उन्होंने कहा कि गुरुवार को शुरू हो रहे विधानसभा सत्र से पहले राजधानी चमचमाती हुई नजर आनी चाहिए। ऐसा नहीं हुआ तो शासन, प्रशासन और नगर निगम के अफसर बेइज्जती झेलने के लिए तैयार रहें।
सीएस व प्रमुख सचिव शहरी विकास को अल्टीमेटम
इसके बाद वे खुद सड़कों पर उतरकर सफाई कराएंगे। उन्होंने मुख्य सचिव सुभाष कुमार से लेकर प्रमुख सचिव शहरी विकास विभाग एमएच खान तक को अल्टीमेटम दिया है।
बैठक में कैबिनेट मंत्री दिनेश अग्रवाल, विधायक राजकुमार, उमेश शर्मा, मुख्यसचिव सुभाष कुमार, अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा, प्रमुख सचिव एमएच खान, एमडीडीए वीसी आर मीनाक्षी सुंदरम, जिलाधिकारी बीवीआरसी पुरुषोत्तम सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए वे कोई भी सख्त कदम उठाने को स्वतंत्र हैं।
एमएनए के अधिकार छीने
मुख्यमंत्री से संकेत मिलते ही प्रमुख सचिव एमएच खान ने नगर निगम के मुख्य नगर अधिकारी (एमएनए) के सफाई व्यवस्था से संबंधित वित्तीय और प्रशासनिक अधिकार छीन लिए। यह अधिकार अपर मुख्य नगर अधिकारी उदय सिंह राणा को दिए गए हैं।
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इस संबंध में आदेश जारी हो गया है। प्रमुख सचिव ने बताया कि मंगलवार से ही सफाई व्यवस्था शुरू कर दी गई है। रात 12 बजे तक कूड़ा उठान का काम होगा। इसके बाद सुबह छह बजे से सफाई कार्य शुरू हो जाएगा।
विधायकों ने एमएनए को बचाया
बैठक में कुछ अधिकारियों ने नगर निगम के मुख्य नगर अधिकारी को हटाने का अनुरोध किया। कहा कि एमएनए जानबूझकर कूड़ा उठाने वाली कंपनी का भुगतान नहीं कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री भी उन्हें हटाने को राजी हो गए थे, लेकिन कांग्रेस के कुछ विधायक कार्रवाई के पक्ष में नहीं थे। यह विधायक लंबे समय से एमएनए की पैरवी करते आ रहे हैं।
नदियों को संवारेगा एमडीडीए
इसके साथ ही मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को अचानक डालनवाला एमडीडीए कॉलोनी के नीचे मलिन बस्ती का दौरा किया। इस दौरान लोगों ने पानी, सड़क और नालियों की समस्या उनके सामने रखीं।
मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारी को प्राथमिकता के आधार पर समस्याओं के समाधान के निर्देश दिए। एमडीडीए वीसी को रिस्पना और बिंदाल सहित अन्य नदियों की सफाई के निर्देश दिए।
सीएम ने कहा कि नदियों की सफाई में सभी सरकारी एजेंसियों, एनसीसी और सामाजिक संगठनों की मदद ली जाए। इस काम के लिए एमडीडीए नोडल महकमा होगा और वही इसका खर्च उठाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में यमुना की तर्ज पर रिस्पना और बिंदाल नदी का विकास किया जाए। जेसीबी से खोदकर नदियों को गहरा किया जाए। बारिश के दौरान नुकसान और अतिक्रमण रोकने के लिए किनारे पर पुश्ते लगाए जाएं।
इस मौके पर विधायक उमेश शर्मा, पूर्व विधायक रंजीत रावत, क्षेत्रीय पार्षद आनंद त्यागी, एमडीडीए सचिव बंशीधर तिवारी, एडीएम प्रशासन हरक सिंह रावत सहित अन्य मौजूद रहे।
सरकारी जमीनें होंगी चिह्नित
मुख्यमंत्री ने एमडीडीए वीसी और जिलाधिकारी को नगर निगम और ग्राम समाज की जमीनों को चिह्नित करने का निर्देश दिया। कहा कि सरकारी जमीनों पर बड़े-बड़े पार्क बनाए जाएं। जिन जमीनों पर पार्क नहीं बन सकता वहां एमडीडीए तार-बाड़ कराएगा और सरकारी जमीन का बोर्ड लगाया जाएगा।