{"_id":"d3b4960060f06d40536cf3e62238a83e","slug":"chargesheet-to-ati-of-uttarakhand-roadways-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कंडक्टर को बचाने में खुद नपे ATI, मिली चार्जशीट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कंडक्टर को बचाने में खुद नपे ATI, मिली चार्जशीट
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 22 Feb 2016 10:51 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
क्षेत्रीय प्रबंधक (आरएम) दून मंडल ने एक सहायक यातायात निरीक्षक (एटीआई) को यात्रियों की टिकट चेकिंग के दौरान एक कंडक्टर को बचाने के मामले में चार्जशीट दी है। एटीआई हरेंद्र कुमार को 15 दिन में अपना पक्ष रखना है।
विज्ञापन
टिकट चेकिंग के दौरान एक यात्री बिना टिकट मिला था। उसके पास समान भी था। एटीआई हरेंद्र कुमार ने कंडक्टर को बचाने के लिए जांच रिपोर्ट में पैसेंजर पेनल्टी दिखाई। हरेंद्र कुमार ने जांच रिपोर्ट में लिखा कि कंडक्टर का कोई कसूर नहीं है। यह रिपोर्ट एआरएम ऋषिकेश ने आरएम दून संभाग को सौंपी।
विज्ञापन
पैसेंजर की दिखा दी गलती
आरएम ने जांच रिपोर्ट में पाया कि एटीआई ने परिचालक के साथ मिलीभगत करके पैसेंजर की गलती दिखा दी। इसका संज्ञान लेते हुए उन्होंने 15 फरवरी को एटीआई के खिलाफ चार्जशीट दी। जांच में दोषी पाए गए कंडक्टर का तत्काल प्रभाव से ट्रांसफर निगम की नियमावली के अनुसार दूसरे जनपद हरिद्वार डिपो कर दिया है।
विज्ञापन
बता दें कि 25 जनवरी को ऋषिकेश डिपो की बस यूके 07 पीए 0886 को ऋषिकेश-दिल्ली मार्ग पर 12:32 बजे खतौली नामक जगह पर एटीआई ने चेक किया। निरीक्षण में वाहन चालक जोगेंद्र सिंह और नियमित परिचालक धर्मेंद्र राणा कार्यरत थे।
वाहन में सवार 45 यात्रियों में से एक यात्री मुजफ्फरनगर तक बिना टिकट पाया गया। उस यात्री और उसके सामान का टिकट एटीआई ने 500 रुपये किराया लेकर टिकट संख्या 081591 बनाकर निर्गत किया गया और पुष्टि चालान चिट पर हस्ताक्षर कराए गए।