हेमकुंड सहित पांचों धामों के यात्रा मार्ग बाधित
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बरसात और भूस्खलन के कारण मार्ग अवरुद्ध होने से शुक्रवार को हेमकुंड सहित पांचों धामो की यात्रा बाधित रही। धामों के लिए यात्रियों के पंजीकरण किए जा रहे हैं, पर्यटन विभाग की ओर से श्रद्धालुओं को यात्रा मार्गों की स्थिति के बारे में जानकारी दी जा रही है।
पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण धामों के मार्ग कई बार बंद और खोले जा चुके हैं। करीब तीन दिनों से हेमकुंड और केदारनाथ यात्रा मार्ग खुले होने के बाद शुक्रवार को दोनों धामों की मार्ग भी बंद हो गए हैं जबकि, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के मार्ग करीब चार दिन से बंद हैं।
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर, दून के मुख्य प्रशिक्षक अनिल सकलानी ने बताया कि अलग-अलग डिस्ट्रिक्ट इमरजेंसी सेंटर से पांचों यात्रा मार्गों के बंद होने की सूचना मिली है।
रास्ते बंद, बदरीनाथ से संपर्क कटा
गोपेश्वर। बृहस्पतिवार रात भारी बारिश से बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पीपलकोटी से दो किमी आगे भनेरपाणी के समीप चट्टान टूटने से अवरुद्ध हो गया है। काफी प्रयासों के बावजूद अभी तक मार्ग खोला नहीं जा सका है जिसके चलते बदरीनाथ धाम का जोशीमठ समेत अन्य स्थानों से संपर्क कटा हुआ है।
शुक्रवार को हाईवे को खुलते न देख करीब 30 तीर्थयात्री जान-जोखिम में डालकर पैदल ही बदरीनाथ धाम पहुंच गए हैं।
बृहस्पतिवार की रात्रि दस बजे से सुबह चार बजे तक पीपलकोटी से लामबगड़ क्षेत्र में जोरदार बारिश होती रही जिससे जगह-जगह हाईवे पर मलबा और बोल्डर आ गए हैं। स्थानीय लोगों के साथ ही हेमकुंड साहिब और बदरीनाथ धाम जाने वाले तीर्थयात्री पैदल ही अपने गंतब्य के लिए गए।
46 भक्तों पहुंचे केदारनाथ
केदारनाथ। शुक्रवार को छह एनडीआरएफ के जवानों के साथ आठ यात्री केदारनाथ के लिए रवाना हुए जबकि 46 श्रद्धालुओं ने बाबा केदार के दर्शन किए।
धाम में दिन भर रिमझिम बारिश होती रही जो शाम चार बजे जाकर बंद हुई। वहीं, धाम में बीएसएनएल के मोबाइल टावर के सिगनल बार-बार उड़ने के कारण मोबाइल फोन पर संपर्क करना मुश्किल हो रहा है।
डेढ़ बजे खुला केदारनाथ एनएच
बारिश के कारण रुद्रप्रयाग-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग सुबह काकड़ागाड़, कुंड और डोलिया देवी में मलबा आने से अवरुद्ध हो गया। तीनों स्थानों पर मलबा हटाते हुए बीआरओ ने दोपहर डेढ़ बजे तक मार्ग को यातायात के लिए खोल दिया।