चारधाम यात्रा पर जाने वालों के लिए जरूरी खबर
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जैसे-जैसे चार धाम यात्रा की तारीख नजदीक आ रही है, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब के यात्रा पड़ावों का सन्नाटा टूटने लगा है। यात्रा पड़ावों पर छोटे और मंझोले व्यापारी अपने ढाबों और प्रतिष्ठानों को सजाने-संवारने में लग गए हैं।
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इस बार केदारनाथ धाम के कपाट चार और बदरीनाथ धाम के कपाट 5 मई को श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खुल जाएंगे।
यात्रा पड़ाव गौचर, चटवापीपल, कर्णप्रयाग, लंगासू, भकुंडा, बिराजकुंज, सौनला, नंदप्रयाग, मैठाणा, चमोली, भीमतला, मायापुर, पीपलकोटी, पाखी, हेलंग, झड़कुला, जोशीमठ, विष्णुप्रयाग, पांडुकेश्वर और गोविंदघाट में पिछले कई सालों से अपना व्यवसाय चला रहे व्यवसायी यात्रा तैयारियों में जुट गए हैं।
यात्रियों के रुकने की व्यवस्था होगी पूरी
पाखी में सीजनल ढाबा चलाने वाले जगत किशोर डिमरी का कहना है कि तीर्थयात्रा पर ही रोजगार चलता है। बदरीनाथ में आस्था और विश्वास रखने वाले तीर्थयात्री उमड़ कर आएंगे। यात्रियों के खाने और रहने की पूरी व्यवस्था की जा रही है।
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पिछले चार वर्षों से हेमकुंड यात्रा पड़ाव पर अपना व्यवसाय चलाने वाले महावीर सिंह नेगी का कहना है कि वे इस बार तीर्थयात्रियों को बुरांस, आंवला और संतरे का जूस उपलब्ध कराएंगे।
बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ ही चोपता-मंडल-गोपेश्वर मोटर मार्ग पर पड़ने वाले प्रमुख पड़ावों पर भी इन दिनों यात्रा की तैयारियों में जुटे हैं।
केदारनाथ में सरकारी सुस्ती से हो रही देरी
केदारनाथ जलप्रलय में करीब तीन हजार व्यापारिक प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा था। शासन की ओर से प्रभावितों को मुआवजा दिया जा रहा है। असल दिक्कत उन होटल व्यवसायियों की है, जिन्होंने लाखों का कर्जा लेकर होटल बनाए थे।
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पिछले साल आपदा आने पर होटल बंद हो गए थे। इस साल भी यात्रियों की संख्या काफी कम रहने की संभावना है।
गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक अभी एक भी प्राइवेट होटल और कच्चे छप्पर की साफ-सफाई या मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो पाया है। यात्रा शुरू होने से पूर्व प्रशासन स्थानीय व्यापारियों को केदारनाथ में अपने प्रतिष्ठानों की मरम्मत और साज सज्जा की अनुमति दे देता था, इस बार ऐसा नहीं हो पाया है।
बदल होगा इस बार केदारनाथ मार्ग
रामबाड़ा से ऊपर केदारनाथ धाम तक मार्ग बदल चुका है। इस मार्ग पर छोटा लिनचोली, लिनचोली और केदारनाथ बेस कैंप पड़ाव बन गए हैं। लेकिन यहां अभी स्थानीय लोगों को किसी तरह के व्यवसाय की अनुमति नहीं है।
अधिकारियों का है कहना
सोनप्रयाग से लेकर केदारनाथ धाम तक श्रद्धालुओं के ठहरने और खाने की व्यवस्था जीएमवीएन की तरफ से की जानी है। लिनचोली में भी जीएमवीएन हट्स और टेंट लगाएगा।
-डा. राघव लंगर, डीएम रुद्रप्रयाग