फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Chamoli News ›   Chardham yatra 2023 SOP Maximum number of horses and mules fixed on travel routes Uttarakhand news in hindi

Chardham yatra 2023: सरकार ने जारी की घोड़े-खच्चरों के संचालन के लिए एसओपी, यात्रा मार्गों पर अधिकतम संख्या तय

Mon, 01 May 2023 11:00 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 01 May 2023 11:00 PM IST
सार

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड से केदारनाथ तक 19 किमी तक पांच हजार घोड़े-खच्चरों का संचालन होगा। जबकि हेमकुंड साहिब के लिए 15 किमी की दूरी के लिए अधिकतम 1050 घोड़े-खच्चरों की संख्या तय की गई है। यात्रा मार्ग पर एक पशु मालिक को अधिकतम दो घोड़े खच्चर संचालन की अनुमति होगी।

विज्ञापन
Chardham yatra 2023 SOP Maximum number of horses and mules fixed on travel routes Uttarakhand news in hindi
चारधाम यात्रा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चारधाम यात्रा मार्गों पर पशु क्रूरता रोकने के लिए सरकार ने घोड़े-खच्चरों के संचालन की मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी कर दी है। यात्रा मार्गों पर प्रति किलोमीटर के आधार पर घोड़े-खच्चरों की अधिकतम संख्या तय कर दी गई है। इसके अलावा एक पशु मालिक को अधिकतम दो घोड़े-खच्चर के संचालन की अनुमति होगी।

विज्ञापन

सोमवार को शासन की ओर से जारी एसओपी के अनुसार केदारनाथ यात्रा मार्ग पर गौरीकुंड से केदारनाथ तक 19 किमी तक पांच हजार घोड़े-खच्चरों का संचालन होगा। जबकि हेमकुंड साहिब के लिए 15 किमी की दूरी के लिए अधिकतम 1050 घोड़े-खच्चरों की संख्या तय की गई है।

विज्ञापन


यात्रा मार्ग पर एक पशु मालिक को अधिकतम दो घोड़े खच्चर संचालन की अनुमति होगी। रास्ते में गर्म पानी और अस्थायी शेड की व्यवस्था की जाएगी। घोड़े-खच्चरों की ग्लैंडर परीक्षण रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही यात्रा मार्ग पर संचालन की अनुमति होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Uttarakhand: काम की खबर..10 साल से ज्यादा पुराना है आधार कार्ड तो तुरंत कराएं अपडेट, यहां मिलेगी पूरी डिटेल

एसओपी में ये दिशा-निर्देश

- घोड़े-खच्चरों के कान पर लगाया जाएगा टैग।

- यात्रा मार्ग पर बनाए गए शेड में अस्थायी पशु चिकित्सालय स्थापित किए जाएंगे।

- संचालन से पहले एक सप्ताह तक पशु को मौसम के अनुकूल स्थिति में आने के लिए समय तय।

- बीमार घोड़े खच्चर को यात्रा मार्ग पर संचालन की अनुमति नहीं होगी।

- पशु क्रूरता निवारण अधिनियम का उल्लंघन करने पर पशु मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होगा।

- पशु मालिकों को बस्तियों के समीप किराये पर स्थायी अश्वशालाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed