चारधाम यात्रा 2021: बाहरी राज्यों के तीर्थयात्रियों के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट या वैक्सीनेशन प्रमाणपत्र अनिवार्य
- पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने दी जानकारी, दूसरे राज्यों के लोगों के लिए होगी व्यवस्था
- कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के बीच अगले महीने से शुरू हो जाएगी चारधाम यात्रा
- बीते वर्ष बाहर से आने वाले यात्रियों को नेगेटिव रिपोर्ट पर ही दी गई थी यात्रा की अनुमति
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चारधाम यात्रा में बाहरी राज्यों से आने वाले यात्रियों को कोविड निगेटिव जांच रिपोर्ट या वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र साथ लाना होगा। बीते वर्ष भी सीमित संख्या और कोविड निगेटिव रिपोर्ट के आधार पर ही चारधाम यात्रा में आने की अनुमति दी गई थी।
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि लगातार बढ़ रहे संक्रमण को देखते हुए चारधाम यात्रा में आने वाले यात्रियों के लिए कोरोना निगेटिव रिपोर्ट या वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र की अनिवार्यता रहेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए चारधाम यात्रा प्रारंभ की जाएगी।
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हर धाम में एक दिन में कितने तीर्थ यात्री दर्शन कर सकते हैं, इसकी क्षमता भी निर्धारित होगी। पिछले साल भी कोरोना संक्रमण के बीच अच्छे ढंग से यात्रा संचालित की गई थी। इसके साथ ही कोविड नियमों के तहत धामों में सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनना, सैनिटाइजेशन का सख्ती से पालन कराया जाएगा।
साथ ही बीते वर्ष की तरह से यात्रियों के पंजीकरण की व्यवस्था भी अपनाई जा सकती है। प्रत्येक धाम में तीर्थ यात्रियों की क्षमता के आधार पर ही जाने की अनुमति दी जाएगी।
इस दिन खुलेंगे चारधाम के कपाट
गंगोत्री 14 मई 2021
यमुनोत्री 14 मई 2021
केदारनाथ 17 मई 2021
बदरीनाथ 18 मई 2021
हो चुकी तीन करोड़ की एडवांस बुकिंग
मई महीने से शुरू होने वाली यात्रा के लिए गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) के होटलों में तीन करोड़ रुपये की एडवांस बुकिंग हो चुकी है। वहीं, पांच दिन में केदारनाथ हेली सेवा के लिए 8762 टिकटों कीऑनलाइन बुकिंग की गई है।
पिछले साल चारधाम यात्रा शुरू होने से ठीक पहले कोरोना की दस्तक से पर्यटन उद्योग को बड़ा आर्थिक झटका लगा था। कोरोना महामारी के भय के चलते चारधाम यात्रा के कपाट खुलने के बावजूद भी यात्रा का संचालन नहीं हो पाया था। जिससे साहसिक पर्यटन गतिविधियों, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, टैक्सी, बस आपरेटर, चारधाम में चढ़ने वाला प्रसाद समेत स्थानीय उत्पादों का कारोबार पूरी तरह से ठप होने से लगभग 2.50 लाख लोगों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया था।