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Chardham Yatra 2020 : बदरीनाथ धाम के मुख्य पुजारी ईश्वर प्रसाद नंबूदरी जोशीमठ पहुंचे
Sat, 09 May 2020 09:00 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जोशीमठ
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 09 May 2020 09:00 PM IST
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ईश्वर प्रसाद नंबूदरी
- फोटो : amar ujala
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बदरीनाथ धाम के रावल (मुख्य पुजारी) ईश्वर प्रसाद नंबूदरी शनिवार को जोशीमठ पहुंच गए हैं। 15 मई को प्रातः साढ़े चार बजे बदरीनाथ धाम के कपाट खुल जाएंगे।
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13 मई को जोशीमठ नृसिंह मंदिर से रावल आदि गुरु शंकराचार्य और गरुड़ भगवान की डोली के साथ योग ध्यान बदरी मंदिर पांडुकेश्वर पहुंचेंगे।
14 को यहां से उद्घवजी व कुबेरजी की उत्सव डोली के साथ वे बदरीनाथ पहुंचेंगे। 15 मई को धाम का कपाटोद्घाटन होगा।
दरबार के लिए तीन की इजाजत थी, लौटे पांच
बदरी विशाल के अभिषेक को आयोजित गाडू घड़ा तेल कलश यात्रा में शामिल होने के लिए तीन पुजारियों को इजाजत दी गई थी, लेकिन नरेंद्रनगर राजदरबार से पांच लौटे। इनमें से एक के पास देहरादून से जारी अनुमति पत्र है। दूसरे के खिलाफ बगैर इजाजत यात्रा करने और यात्रा इतिहास छिपाने का आरोप है। अब प्रशासन कार्रवाई में जुट गया है।
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कर्णप्रयाग के एसडीएम वैभव गुप्ता ने बताया कि यात्रा में शामिल होने के लिए बीती चार मई को सिर्फ तीन पुजारी राजेंद्र प्रसाद डिमरी, टीका प्रसाद डिमरी और अनुज डिमरी के टिहरी नरेश के दरबार के लिए जाने का रिकार्ड दर्ज है, जबकि राज दरबार से पांच पुजारी लौटे।
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इनमें से एक की विधिवत अनुमति देहरादून जिले से है। लेकिन एक अन्य पुजारी की घर वापसी होने के बावजूद भी उसका यात्रा इतिहास छिपाया गया। एसडीएम ने राजस्व उप निरीक्षक को तत्काल तलाश करने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम ने कहा कि अगर संबंधित व्यक्ति सामने नहीं आता है तो आपदा एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सादगी से मनाया तिमुंड्या मेला
बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से एक सप्ताह पहले जोशीमठ नृसिंह मंदिर में होने वाला तिमुंड्या मेला इस वर्ष सादगी से मनाया गया। आचार्य ब्राह्मणों ने भगवान नृसिंह और मां भगवती की पूजा की। इस दौरान मंदिर परिसर में कोई भी श्रद्धालु मौजूद नहीं था।
बदरीनाथ धाम की सफल यात्रा को लेकर हर वर्ष नृसिंह मंदिर परिसर में तिमुंड्या मेले का आयोजन होता है। इस दौरान तिमुंड्या के अवतारी पुरुष को चावल और गुड़ का भोग लगाया जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में भक्तगण मंदिर में पहुंचते हैं।
बदरीनाथ धाम के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल ने कहा कि इस वर्ष नृसिंह मंदिर स्थित तिमुंड्या मेले का आयोजन सादगी से किया गया। नृसिंह भगवान और मां भगवती से देश की अखंडता, एकता और आरोग्यता की कामना की गई।