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चारधाम यात्रा: बदरीनाथ-केदारनाथ धाम के रावल उत्तराखंड के लिए रवाना, कोरोना टेस्ट के बाद ही मिलेगी पूजा की अनुमति

Fri, 17 Apr 2020 08:55 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपेश्वर Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 17 Apr 2020 08:55 PM IST
सार

  • उत्तराखंड पहुंचने पर दोनों रावलों का होगा कोरोना टेस्ट
  • पर्यटन मंत्री ने की सोशल डिस्टेंस रखने की अपील

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Chardham yatra 2020: Badrinath kedarnath Dham Rawal will reach on 28th April in uttarakhand From kerala
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के कपाट पूजन के लिए शुक्रवार को प्रदेश सरकार को कुछ हद तक राहत मिली। पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज के मुताबिक दोनों धामों के रावल उत्तराखंड के लिए रवाना हो चुके हैं। इनके जल्द ही उत्तराखंड पहुंचने की उम्मीद है।

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केदारनाथ धाम के कपाट 29 और बदरीनाथ धाम के कपाट 30 अप्रैल को खुलने हैं। कपाट खुलने के समय होनी वाली मुख्य पूजा रावल ही कराते हैं। रावलों के न रहने पर प्रदेश सरकार ने ऑनलाइन पूजा कराने पर भी विचार किया था, लेकिन इसका जमकर विरोध हो रहा है। ऐसे में रावल के पहुंचने की खबर से सरकार बहुत हद तक राहत भी महसूस कर रही है।
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इसके बाद भी कई समस्याएं
हालांकि मुश्किलें और भी हैं। राज्य के बाहर से रावलों को आने पर कम से कम 14 दिन के लिए क्वारंटीन करना पड़ेगा। कपाट खुलने तक यह अवधि पूरी नहीं हो पाएगी। ऐसे में रावल किस तरह से पूजा में शामिल होंगे, यह बड़ा सवाल बना हुआ है। धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि दोनों रावलों के पहुंचने पर उनका कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। इसके बाद सरकार को प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा। स्वास्थ्य परीक्षण और टेस्ट निगेटिव होने पर ही रावल पूजा में भाग ले पाएंगे।

टिहरी राजदरबार पर भी है निगाह

प्रदेश सरकार की निगाह राजदरबार पर भी है। डिमरी धार्मिक पंचायत कह ही चुकी है कि टिहरी राजदरबार से अनुमति लेकर अविवाहित डिमरी को मुख्य अर्चक का अधिकार दिया जा सकता है। केदारनाथ में भी इसी तरह से व्यवस्था की जा सकती है।

लोग सहयोग करें, सोशल डिस्टेंस जरूरी
चारधाम यात्रा प्रदेश की रीढ़ है। इस यात्रा की शुरुआत ही कपाट खुलने से होती है। लोगों को सोशल डिस्टेंस के नियमों का पालन भी करना होगा और पंरपराओं को भी निभाना होगा। इसके लिए लोगों का सहयोग बहुत जरूरी है। सरकार हर हाल में पंरपरा का पालन करते हुए कपाट खुलवाने की कोशिश कर रही है।
- सतपाल महाराज, पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री

बदरीनाथ धाम में बर्फबारी से भारी नुकसान

बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने से पूर्व प्रशासन की टीम ने शुक्रवार को धाम में जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस वर्ष लगातार हो रही बर्फबारी से धाम में भारी नुकसान हुआ है। कई दुकानें अभी भी बर्फ से ढकी हैं और पेयजल लाइन क्षतिग्रस्त पड़ी है। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने को अब मात्र बारह दिनों का समय शेष रह गया है, जिससे प्रशासन के सामने यात्रा शुरू होने से पूर्व धाम में बिजली, पानी और संचार सेवा सुचारु करने की चुनौती है।

शुक्रवार को जोशीमठ के उपजिलाधिकारी अनिल चन्याल के नेतृत्व में प्रशासन की टीम ने बदरीनाथ धाम का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि मंदिर परिसर के समीप कर्मचारी बर्फ हटाने के काम में जुटे हैं। यहां आस्था पथ पर बर्फ जमी है। पेयजल लाइनों क्षतिग्रस्त हैं तो बिजली लाइन भी सुचारु नहीं है। एसडीएम ने सभी विभागों के अधिकारियों को यात्रा से पूर्व धाम में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस बार लॉकडाउन के कारण सिर्फ बदरीनाथ की पूजा से जुड़े लोगों को ही बदरीनाथ कपाट खुलने पर अनुमति दी गई है। तीर्थयात्रा शुरू होने से पहले सभी यात्रा व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएंगी।

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