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चारधाम यात्रा 2020: बदरीनाथ और केदारनाथ धाम के रावल को भेजा बुलावा, आने के बाद 14 दिन के लिए होंगे क्वारंटीन

Fri, 10 Apr 2020 09:11 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 10 Apr 2020 09:11 PM IST
सार

  • चार धाम विकास परिषद ने की पुष्टि, 15 को आएंगे उत्तराखंड
  • कोरोना संक्रमण को देखते हुए किए जाएंगे क्वारंटीन

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Chardham yatra 2020: Badrinath And Kedarnath Dham Rawal will Arrive uttarakhand on 15th April and will quarantine
बदरीनाथ/केदारनाथ - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

चारधाम यात्रा के श्रीगणेश के लिए बदरीनाथ और केदारनाथ के रावल व अन्य लोगों को 15 अप्रैल को उत्तराखंड पहुंचने के लिए कह दिया गया है। कोरोना संक्रमण को देखते हुए अप्रैल के अंतिम सप्ताह में दोनों धामों के कपाट खुलने से पहले ही रावलों को क्वारंटीन करने के लिए यह कदम उठाया गया है।

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बता दें कि 26 व 27 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम और 29 व 30 अप्रैल को केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। कोरोना संक्रमण को देखते हुए यह तय किया गया था कि बदरीनाथ धाम और केदार धाम के रावल, नायब रावल और सेवादारों को पहले ही बुला लिया जाएगा। केरल और कर्नाटक से इन्हें आना है।

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श्रद्धालु दर्शन कब करेंगे अभी तय नहीं

लिहाजा इनको 14 दिन के लिए क्वारंटीन भी किया जाएगा। चारधाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष आचार्य शिव प्रसाद ममगांई ने बताया कि  इन लोगों को चमोली या जोशीमठ में क्वारंटीन करके रखा जाएगा। इसी के साथ यह भी तय कर लिया गया है कि कपाट खुलने के दौरान होने वाली रस्मों में केवल बेहद जरूरी लोग ही शामिल होंगे।

वहीं, मंदिरों के कपाट तो मुहूर्त के अनुसार तय तिथियों पर खोल दिए जाएंगे, लेकिन भगवान के दर्शनों के लिए भक्त कब उनके धाम पर पहुंचेंगे, अभी तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं है।

पिछले साल आए थे 42.56 लाख तीर्थयात्री
साल 2019 में 42 लाख 56 हजार तीर्थयात्री चारधाम यात्रा के लिए आए थे। इसमें हेमकुंड साहिब और पिरान कलियर के यात्री भी शामिल थे। वर्ष 2013 में दैवीय आपदा के बाद से चारधाम यात्रा पूरी तरह से पटरी से उतर गई थी। उसके बाद राज्य सरकार के प्रयास और यात्रियों की अगाध आस्था के बल से चारधाम यात्रा ने अपनी पुरानी गति पकड़ी थी।

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