चारधाम यात्रा रिकार्डः आए थे दर्शन को लेकिन पहुंच गए मौत के द्वार
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आज बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही इस साल की चारधाम यात्रा समापन पर है। आपदा के बाद से इस साल सबसे अधिक (लगभग 23 लाख ) यात्री पहुंचे है, लेकिन इसी वर्ष मरने वाले यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी हुई। पिछले साल जहां यात्रा के दौरान 32 लोगों की मौत हुई वहीं इस बार यह संख्या 112 है।
पिछले साल 14.12 लाख तीर्थयात्री चारधाम पहुंचे थे, जिनमें से 32 तीर्थयात्री मारे गए थे। 2015 में 9.5 लाख तीर्थयात्री यात्रा के लिए आए थे। इनमें से 8 तीर्थयात्रियों की मौत हुई, लेकिन इस बार तमाम दावों के बावजूद यह आंकड़ा पार हो गया।
हेल्थ डिपार्टमेंट के आकड़े बताते है कि सबसे अधिक मौत हार्ट अटैक के कारण हुई है। इसका मतलब है कि यात्रा के दौरान बिना स्वास्थ्य जांच के तीर्थयात्रियों का यात्रा पर जाने के अनुमति दी गई।
केदारनाथ में हुई सबसे अधिक मौत
यात्रा शुरू होने से यात्रियों के स्वास्थ्य और सुविधाओं को लेकर सरकार ने कहा था कि किसी भी यात्री को बिना स्वास्थ्य जांच के नहीं भेजा जाएगा, लेकिन आकड़े सरकार की लापरवाही बताते है।
सबसे ज्यादा मौत केदारनाथ में (36), बद्रीनाथ (28), यमोनोत्री (25) और गंगोत्री (23) हुई है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, अधिकतम मृत तीर्थयात्रियों महाराष्ट्र (14), कर्नाटक (10), मध्य प्रदेश (9), गुजरात (6) और आंध्र प्रदेश (5) के थे। वहीं सबसे अधिक उम्र की महाराष्ट्र की 81 वर्षीय महिला मीरा बाई की यात्रा के दौरान मौत हो गई थी।
आकंडे बताते है कि अभी चारधाम यात्रा को लेकर अभी भी बेहत सुधार करने की जरूरत है।